Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Tamanna_Matlani

एक भारत-श्रेष्ठ भारत

नन्हीं कड़ी में….    आज की बात        एक भारत-श्रेष्ठ भारत   ” विभिन्नता में एकता सिखाता मेरा देश, “एक …


नन्हीं कड़ी में….  

 आज की बात 

      एक भारत-श्रेष्ठ भारत  

” विभिन्नता में एकता सिखाता मेरा देश,

“एक भारत-श्रेष्ठ भारत” बना एक अनूठा संदेश “

             जैसा कि आप सभी जानते ही हैं कि हमारे भारत देश में आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में हर घर तिरंगा जैसे अनेक कार्यक्रम मनाए जा रहे हैं।जिसमें हमारे देश के सभी जाति धर्म के लोग इन कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभाग कर रहे हैं।हमारा भारत देश विभिन्नता में एकता दर्शाने वाला देश है, हमारे देश के संविधान में प्रत्येक जाति धर्म के लोगों को समानता का अधिकार दिया गया है। हमारे देश के अलग-अलग प्रांतों में विभिन्न प्रकार की भाषाएं बोली जाती हैं । हमारे महाराष्ट्र  की प्रांतीय भाषा मराठी है तो किसी की गुजराती,पंजाबी, मलयालम, तमिल, तेलगु, कन्नड़, उड़िया, बंगाली, बिहारी, कश्मीरी, हिंदी आदि हैं। इन भाषाओं के अलावा भी हमारे देश में सिंधी, पारसी आदि अन्य कई भाषाएं भी बोली और लिखी जाती हैं।

            हमारे देश में विभिन्न धर्मावलंबी समुदाय के लोग जैसे मुख्यतः हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, पारसी,जैन और बुद्ध आदि धर्मों के लोग मिलजुल कर रहते हैं। इस एकत्व का मुख्य कारण हमारे देश के तीज-त्यौहार हैं। हमारे देश में वर्ष भर त्योहारों का मौसम रहता है, जिसमें हिंदू समाज की दीपावली, मुस्लिम समाज की ईद, पारसी समाज का पारसी नववर्ष पंजाबी समाज की लोहड़ी, ईसाई समाज का क्रिसमस डे तथा होली, पोंगल, दुर्गापूजा, गणेशोत्सव आदि कई त्यौहार हम सभी देशवासी मिलजुल कर मनाते हैं। 

              हमारा देश भौगोलिक दृष्टि से बड़ा होने के कारण हमारे खान-पान और पहनावे में भी विविधता दिखाई देती है। हम सभी मिलकर विभिन्न प्रकार के पहनावे और खान-पान का आनंद लेते हैं। देश की एकता और अखंडता के लिए हम सभी को मिलकर साथ रहने और आपसी सौहार्दय बनाए रखने की आवश्यकता है।

            हमारे पड़ोसी देश तो कब से हमारे एकत्व को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। वे किसी ना किसी बहाने से हमारी जातीय और धार्मिक विभिन्नता का फायदा लेकर भेदभाव को बढ़ावा देने का प्रयास करते रहते हैं। कभी-कभी तो वे कुछ लोगों की नासमझी के कारण अपने मकसद में कामयाब भी हो जाते हैं।इन्हीं कारणों से हमारा देश कई बार जातीय और धार्मिक दंगों की त्रासदी भी झेल चुका है। दंगाइयों का ना तो कोई धर्म और ना ही कोई जाति होती है। वे अपने निजी स्वार्थ के लिए इस प्रकार की चिंगारी को हवा देने का कार्य करते रहते हैं। इसलिए आज जरूरत आन पड़ी है कि देश को बांटने वाले अवांछनीय तत्वों से हम सभी सावधान रहें। बड़ी मुश्किल से हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ है,ना जाने कितने महापुरुषों, क्रांतिकारियों और देशभक्तों के बलिदान से हमारा देश आज स्वतंत्र हवा में चैन की सांस ले रहा है। हमें जरूरत है आपसी भाईचारे और सद्भावना की परंतु यह तभी संभव है जब हम नफरत फैलाने वाले विघटनकारी तत्वों की पहचान करके उनसे होशियार रहें, क्योंकि यदि आज हम गुलाम हुए तो कोई गांधी, कोई सुभाष चंद्र बोस या कोई भगत सिंह हमें आजाद करवाने के लिए दोबारा जन्म लेकर नहीं आएंगे।

             अब समय आ गया है कि हमें ऐसे लोगों का साथ देना है जो देश की एकता और अखंडता को कायम रखने के लिए हमेशा अपने प्राणों को हथेली पर लेकर चलते हैं। जी हां आप सही समझे ,ये हमारे देश के सैनिक ही हैं जो देश और देशवासियों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति भी हँसते-हंसते दे देते हैं। आइए हम सब साबित करें कि हम एक थे, एक हैं और एक ही रहेंगे। तभी हमारा एक भारत, जीवन भर एक मिसाल के रूप में श्रेष्ठ भारत बना रहेगा।कविता की कुछ पंक्तियों के साथ आज की इस नन्हीं कड़ी को मैं यही विराम देती हूँ…..

उठो जागो देश के वीर सपूतों,

वक्त आ गया फिर कुछ करने का।

देश के लिए हम मर मिटेंगे,

अखंडता को खंडित ना होने देंगे।

रहेगी सदा हमारी यही चाहत,

” एक भारत श्रेष्ठ भारत – एक भारत श्रेष्ठ भारत “। क्योंकि मेरा भारत देश महान,

एकत्व से है हमारे देश की पहचान। 

अखंडता ने बढ़ाई है इसकी शान,

आओ गाएं मिलकर हम श्रेष्ठ राष्ट्रगान।।

 भारत देश के एकत्व और श्रेष्ठता को सलाम करते हुए …. तमन्ना मतलानी              

About author 

Tamanna matlani

तमन्ना मतलानी
गोंदिया(महाराष्ट्र)


Related Posts

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

September 17, 2022

“कोशिश करने वालों की हार नहीं होती” “नहीं झुकी ज़माने की जबर्दस्ती के आगेहवाओं के ख़िलाफ़ बहने वाली वामा हूँ,

15 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस

September 17, 2022

(15 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस)कमजोर पड़ते विपक्ष से भारतीय लोकतंत्र खतरे में सरकार को आलोचना को सिरे से खारिज करने

चलो अब मुखर हो जाएँ

September 17, 2022

“चलो अब मुखर हो जाएँ” ये कैसे समाज में जी रहे है हम जब भी सोचते है हमारे आस-पास हो

शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) का 22 वां शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर 2022 पर विशेष

September 17, 2022

शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) का 22 वां शिखर सम्मेलन 15-16 सितंबर 2022 पर विशेष मज़बूत भारत की बुलंद तस्वीर वैश्विक

कहां खो रही है….?

September 13, 2022

नन्हीं कड़ी में…. 🌞 आज की बात 🌞 🌹 कहां खो रही है….?(कविता)🌹 Pic credit – freepik.com मेरे देश की

राष्ट्रीय हिंदी दिवस 14 सितंबर 2022 पर विशेष

September 13, 2022

राष्ट्रीय हिंदी दिवस 14 सितंबर 2022 पर विशेष Pic credit -freepik.com आओ हिंदी भाषा को व्यापक संचार का माध्यम बनाएं

Leave a Comment