Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Gurudeen Verma, poem

एक तू ही है जिसको | ek tu hai jisko

 एक तू ही है जिसको एक तू ही है जिसको—————-।वरना हो गई मुझे तो नफरत,इन चमकते शीशों से,गोरे इन चेहरों …


 एक तू ही है जिसको

एक तू ही है जिसको—————-।
वरना हो गई मुझे तो नफरत,
इन चमकते शीशों से,
गोरे इन चेहरों से,
महकते इन फूलों से,
जवां इन सितारों से,
नजर आती है इनमें,
जोंक की तरह रूह,
जो पीती है खून,
इंसानी जिस्म का,
खुद जीने के लिए,
मैं तो करता हूँ सच में,
इनकी खिलाफत हमेशा।।

एक तू ही है जिसको—————-।
वरना मैंने तो बना रखी है वो तस्वीरें
जिनको चखने है फूल मुर्दे बनाकर,
और बना रखें हैं वो लक्ष्य भी,
कि होने नहीं दूंगा आबाद उनको,
जिन्होंने लूटी है मेरी खुशियां,
कम से कम उनको तो मैं,
जीने नहीं दूंगा धरती पर,
जो बदलते हैं रात में रुप,
जिस्म की भूख मिटाने को,
करना चाहता हूँ इनका खूं।।

एक तू ही है जिसको————–।
वरना—————————-।।

About author 

Gurudeen verma
शिक्षक एवं साहित्यकार-

गुरुदीन वर्मा उर्फ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)


Related Posts

Hindi divas par Gitika by Rajesh Shukla

September 14, 2021

 हिन्दी दिवस पर गीतिका तकल्लुफ, बेशुमार हिंदी में जुवां है शानदार हिंदी में । हमने कब इश्क को लव कहा

नशा मुक्ति पर कविता

September 13, 2021

 नशा मुक्ति पर कविता व्यंग्य–नशा मुक्ति अभियान जीवन का सुख उठाना हैतो खूब मजा कीजिए,जितना नशा कर सकते हैं वो

Vivekananda by dr indu kumari

September 13, 2021

 स्वामी विवेकानन्द हिला दिया शिकागो थे दार्शनिक अध्यात्मिक गुरू वेदांत के दिखा दिया दिया दुनिया को शोध व सिद्धांत के छोटा

Safalta jhak mar kr aayegi by Jitendra Kabir

September 13, 2021

 सफलता झक मारकर आएगी बहुत संभव है कि तुम पर तुम्हारे अपने ही घर वाले सवाल उठाएं, मन की आवाज़

Teej by dr indu kumari

September 13, 2021

 तीज पावन है तीज त्योहार मनाऊं मैं लक्ष्मी घर आए दीप जलाऊं  मैं गौरी शिव के आराधना कर आऊं लम्बी

Ganeshotsow by da indu kumari

September 13, 2021

 गणेशोत्सव गणपति बप्पा विघ्न हरता कहलाते है गणेश महोत्सव पूजन कर मनाते है गणेश चतुर्थी पवित्र हिन्दू त्योहार है  श्रद्धा

Leave a Comment