Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhawna_thaker, lekh

उदास लड़के देखे है कभी

 “उदास लड़के देखे है कभी” उदास लड़कों के भीतर अंतर्द्वंद्व का दावानल भड़भड़ता रहता है, झाँका है कभी उदास बैठे …


 “उदास लड़के देखे है कभी”

उदास लड़के देखे है कभी
उदास लड़कों के भीतर अंतर्द्वंद्व का दावानल भड़भड़ता रहता है,

झाँका है कभी उदास बैठे लड़कों की रूह के अंदर? भीड़ में भी अकेलेपन का शिकार होते विचारों की आवाजाही में तैरते उदास लड़के बहुत अकेले होते है, भावहीन चेहरे पर नज़रें ठहराकर देखो भीतर से हिले हुए होते है…

ना..

प्रेम में धोखा मिलने पर या किसी लड़की के छोड़ जाने का मातम नहीं मना रहे होते..

ज़िंदगी उसके लिए संघर्ष का बिहड़ जंगल है वो उस जंगल में खोना नहीं चाहता…उसे असमंजस है ज़िंदगी की रेस में अपने आपको प्रस्थापित कर पाएगा या हार जाएगा उस जद्दोजहद से जूझते शून्य में तक रहा होता है…

 

ये बचपना नहीं उनका, ये फ़िक्र है, 

क्या मैं पिता की अपेक्षाओं को पूरा कर पाऊँगा,  माँ के सपने और बहन की ज़िंदगी में इन्द्रधनुषी रंग भर पाऊँगा या नहीं…

मैं पास होऊँगा? मुझे नौकरी मिलेगी?

क्या अपनों की नज़रों में खरा उतर पाऊँगा….

 

असंख्य सवाल करती डराती है उसे ज़िंदगी, जलाती है चुनौतियाँ और तड़पाती है बेरोजगारी 

वो जानता है उसकी पीठ को मजबूत बनाना होगा,

परिवार की बुनियाद है बेटा उसे हर किसीको खुश रखना होगा…क्या रख पाएगा?

पूरी रात खयालों के बवंडर से भीड़ते काटता है,

वह नहीं चाहता सुबह उठकर कमरा ठीक करते हुए माँ गीले गिलाफ़ को छूकर रो दे… इसलिए वो आँसू नहीं बहाता

उदास रहकर चिंतनशील रहता है…

उदास लड़के को मंज़िल का पता नहीं होता उसे अंतहीन दिशा में दौड़ना होता है,

थकना या हारना नहीं जूझना होता है, 

अपने जैसे असंख्य प्रतिस्पर्धीयों की भीड़ को चीरकर आगे निकलने का प्रयत्न ही उसकी उदासी का कारण है।

उदास लड़के यूँही उदास नहीं होते

मन में सपनें होते है, दिल में उत्साह और

कितना कुछ पाने की तमन्ना से लड़ते घबराता है उसका मन…

 

लड़कों की कश्मकश भरी उदासी बहुत दर्दनाक होती है…वो अवसाद को काबू में करने की कोशिश कर रहा होता है,

न कह सकता है, न सह सकता है बस उदास रहकर खुद को खुद में ढूँढता रहता है..

इतना ख़ाली कभी कुछ नहीं हो सकता,

जितना ख़ाली एक उदास लड़के का मन होता है..बेटे को कभी यह मत सिखाओ की लड़के रोते नहीं, आँसूओं को उसके एहसासों को बहने का ज़रिया बनने दो..महज़ चार बूँद आँखों से टपकते ही नखशिख हल्का हो जाएगा..

बेटों के लिए बदतर होती है एक उम्र, 

उस उम्र के सफ़र में बेटे के हमसफ़र बन जाईये,

पास बिठाकर पूछिए सबब उदासी का बेटे से और इतना ही कहिए “मैं हूँ ना”

उदासीयों से उभर जाएगा बेटा, मर्द नाम का मुखौटा उतार कर बच्चा बनकर लिपट जाएगा।

भावना ठाकर ‘भावु’ (बेंगलोर, कर्नाटक


Related Posts

विपासना: बोधि का ध्यान | 10 days of vipasna review

November 26, 2023

विपासना: बोधि का ध्यान | 10 days of vipasna review  कुछ दिनों पूर्व विपासना के अंतरराष्ट्रीय केंद्र धम्मगिरी, इगतपुरी में

वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में विकास बिश्नोई की कहानियों का महत्व

November 26, 2023

 वर्तमान सामाजिक परिदृश्य में विकास बिश्नोई की कहानियों का महत्व किसी भी राष्ट्र एवं समाज का भविष्य बच्चों पर निर्भर

डिजिटल विज्ञापन नीति 2023 को मंजूरी मिली

November 14, 2023

डिजिटल विज्ञापन नीति 2023 को मंजूरी मिली – निजी साइट और एप दायरे में आएंगे भारत में इंटरनेट सोशल और

दीप जले दीपावली आई

November 10, 2023

दीप जले दीपावली आई – धनतेरस ने किया दीपावली पर्व का आगाज़ पांच दिवसीय दीपावली पर्व धनतेरस के भावपूर्ण स्वागत

भारत दुनियां की फुड बॉस्केट बनेगा

November 10, 2023

वर्ल्ड फूड इंडिया महोत्सव 3-5 नवंबर 2023 पर विशेषभारत दुनियां की फुड बॉस्केट बनेगा,अर्थव्यवस्था बुलंदीयां छुएगी खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों में

अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने समावेशी व्यापार का महत्वपूर्ण योगदान

November 10, 2023

अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने समावेशी व्यापार का महत्वपूर्ण योगदान भारत को दुनियां की तीसरी अर्थव्यवस्था त्वरित बनाने समावेशी व्यापार को

PreviousNext

Leave a Comment