Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

उत्सव मनाता लोकतंत्र- जितेन्द्र ‘कबीर’

उत्सव मनाता लोकतंत्र महिला सुरक्षा काबड़ा सा सरकारी विज्ञापनअखबार के पहले पन्ने पर था,दूसरे व तीसरे पन्ने पर थीसामूहिक बलात्कार …


उत्सव मनाता लोकतंत्र

उत्सव मनाता लोकतंत्र- जितेन्द्र 'कबीर'

महिला सुरक्षा का
बड़ा सा सरकारी विज्ञापन
अखबार के पहले पन्ने पर था,
दूसरे व तीसरे पन्ने पर थी
सामूहिक बलात्कार के बाद
महिलाओं की लाश मिलने की
कई छोटी-छोटी खबरें,
ज्यादातर लोगों ने विज्ञापन को
सच्चाई मानते हुए
उन छोटी-छोटी खबरों को समझा
देश को बदनाम करने का षड़यंत्र,
दुष्कर्म-पीड़िताओं व उनके परिजनों की
पीड़ा का उत्सव मनाता रहा
हमारा लोकतंत्र।
करोड़ों रोजगार देने का
बड़ा सा सरकारी विज्ञापन
अखबार के पहले पन्ने पर था,
दूसरे व तीसरे पन्ने पर थी
बेरोजगारी से परेशान लोगों द्वारा
की जाने वाली आत्महत्या की
छोटी-छोटी खबरें,
ज्यादातर लोगों ने विज्ञापन को
सच्चाई मानते हुए
उन छोटी-छोटी खबरों को
देशद्रोहियों का षड़यंत्र,
आत्महत्या के लिए मजबूर लोगों
व छात्रों की मजबूरी का उत्सव मनाता रहा
हमारा लोकतंत्र।

जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

वक्त संग कारवां

October 11, 2022

वक्त संग कारवां वक्त संग दर्द-ए कारवां मेरा गुज़रता जा रहा थादिल तेरे लौटने कि उम्मीद आज भी लगा रहा

आल्हा/वीर छंद प्रेरणा गीत

October 11, 2022

आल्हा/वीर छंदप्रेरणा गीत बाधाओं से डर कर हे मन, तन को ढो मत जैसे भार।।कंटक राहों से बढ़कर ही,खुलते सदा

व्यंग काव्य

October 10, 2022

व्यंग काव्य सजाया बहुत मुझे रणबीरंगे वस्त्रों सेभरा हैं मुझे कईं घातक पटाखों सेइकठ्ठा हुआ हैं शहर सारा मुझे जलानेऊंचा

कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं

October 9, 2022

व्यंग्य-कविता कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं कुछ ऐसे अफ़सर होते हैं जो ज्ञान के खोते होते हैं ऑफिस में सोते

स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 प्रदान किए गए

October 5, 2022

कविता स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार 2022 प्रदान किए गए हर वर्ष की तरह इस वर्ष एक अक्टूबर 2022को स्वच्छता सर्वेक्षण पुरस्कारों

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है

October 3, 2022

कविता–उपभोक्ताओं को ख़ुशी समृद्धि में भिगोना है बिज़ली पेट्रोल डीजल कीमतों को एक राष्ट्र एक मूल्य दायरे में लाना है

PreviousNext

Leave a Comment