Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

उत्कृष्ट कवियों की उपस्थिति में काव्य पाठ

राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ द्वारा हुआ उत्कृष्ट कवियों की उपस्थिति में काव्य पाठ साहित्यिक सांस्कृतिक सामाजिक संस्था राष्ट्रीय नव साहित्य …


राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ द्वारा हुआ उत्कृष्ट कवियों की उपस्थिति में काव्य पाठ

उत्कृष्ट कवियों की उपस्थिति में काव्य पाठ
साहित्यिक सांस्कृतिक सामाजिक संस्था राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ द्वारा रविवार दिनांक 19 दिसंबर 2021 को सायं 8 बजे से देश के उत्कृष्ट साहित्यकारों की उपस्थिति में यादगार काव्य पाठ हुआ। जिसकी अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष अनिल कुमार राही एवं संस्थापक रामस्वरूप प्रीतम ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ से वरिष्ठ साहित्यकार महेश राजा उपस्थित थे। मंच का संचालन करते हुए संस्था के मीडिया प्रभारी विनय शर्मा दीप ने मां वीणा पाणिनी का स्मरण किया तत्पश्चात मंच पर आमंत्रित एकमात्र देवी स्वरूपा कवियत्री डॉ माधवी बोरसे- राजस्थान द्वारा सरस्वती वंदना की गई। सरस्वती वंदना के पश्चात सुंदर गीतों से डॉ माधवी बोरसे ने नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देकर सभी का दिल जीत लिया। दूसरे नंबर पर अध्यात्म के कवि साहित्यकार वेद प्रकाश पांडे जौनपुर उत्तर प्रदेश ने अपने गीतों से सभी के दिलों में जगह बनाई तो वही मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित महासमुंद छत्तीसगढ़ से महेश राजा ने अपनी छोटी-छोटी रचनाओं से लोगों के दिलों को जीता। विनय शर्मा दीप के उत्कृष्ट संचालन की सराहना मुख्य अतिथि ने की और सभी साहित्यकारों की कविताओं ने पटल से जुड़े हुए श्रोताओं एवं साहित्यकारों आह्लादित कर दिया सभी ने खूब सराहा और राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ पटल को गौरवान्वित किया।उक्त समारोह का आयोजन,संयोजन राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ” के संस्थापक रामस्वरूप प्रीतम (श्रावस्तवी),सह- संस्थापक व अध्यक्ष अनिल कुमार राही(मुंबई),संयोजक संजय द्विवेदी (कल्याण-महाराष्ट्र), सचिव धीरेन्द्र वर्मा धीर(लखीमपुर खीरी), संरक्षक दिवाकर चंद्र त्रिपाठी “रसिक” (छत्तीसगढ़) एवं मीडिया प्रभारी विनय शर्मा “दीप” (ठाणे- महाराष्ट्र),उपाध्यक्ष सत्यदेव विजय (मुंबई),कोषाध्यक्ष प्रमिला मेहरा किरण,उपसचिव प्रियंका गुप्ता भोर के सहयोग से संपन्न हुआ।अंत में उपस्थित सभी साहित्यकारों को संस्था द्वारा सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया गया और संचालन करते हुए विनय शर्मा दीप ने उपस्थित सभी साहित्यकारों को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया और गोष्टी का समापन किया।

Related Posts

आखिर क्यों नदियां बनती हैं खलनायिकाएं?

July 12, 2023

आखिर क्यों नदियां बनती हैं खलनायिकाएं? हाल के वर्षों में नदियों के पानी से डूबने वाले क्षेत्रों में शहरी बस्तियां

अब जीएसटी चोरी की तो ईडी का डंडा चलेगा

July 12, 2023

अब जीएसटी चोरी की तो ईडी का डंडा चलेगा  विपक्ष ने टैक्स आतंकवाद की संज्ञा दी जीएसटी काउंसिल की 50

सही अवसर की प्रतीक्षा करने की अपेक्षा वर्तमान अवसर का उपयोग करें

July 12, 2023

सही अवसर की प्रतीक्षा करने की अपेक्षा वर्तमान अवसर का उपयोग करें बेकार बैठने से बेहतर है कि आपके पास

किताबी शिक्षा बनाम व्यवहारिक शिक्षा

July 12, 2023

किताबी शिक्षा बनाम व्यवहारिक शिक्षा डिग्रीयां तो पढ़ाई के खर्चे की रसीदें है – ज्ञान तो वही है जो किरदार

तीर्थयात्रा खुद की खोज का एक समग्र अनुभव है।

July 8, 2023

तीर्थयात्रा खुद की खोज का एक समग्र अनुभव है। धार्मिक तीर्थ स्थल भी लोगों के लिए प्रेरणा और प्रेरणा का

आज खुशी मिलेगी परंतु कल- अपनी काबिलियत पहचानें

July 8, 2023

आज खुशी मिलेगी परंतु कल- अपनी काबिलियत पहचानें निरंतर बढ़ती हुई आपाधापी में लोग इस कदर एक दूसरे से आगे

PreviousNext

Leave a Comment