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उत्कृष्ट कवियों की उपस्थिति में काव्य पाठ

राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ द्वारा हुआ उत्कृष्ट कवियों की उपस्थिति में काव्य पाठ साहित्यिक सांस्कृतिक सामाजिक संस्था राष्ट्रीय नव साहित्य …


राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ द्वारा हुआ उत्कृष्ट कवियों की उपस्थिति में काव्य पाठ

उत्कृष्ट कवियों की उपस्थिति में काव्य पाठ
साहित्यिक सांस्कृतिक सामाजिक संस्था राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ द्वारा रविवार दिनांक 19 दिसंबर 2021 को सायं 8 बजे से देश के उत्कृष्ट साहित्यकारों की उपस्थिति में यादगार काव्य पाठ हुआ। जिसकी अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष अनिल कुमार राही एवं संस्थापक रामस्वरूप प्रीतम ने की तथा मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ से वरिष्ठ साहित्यकार महेश राजा उपस्थित थे। मंच का संचालन करते हुए संस्था के मीडिया प्रभारी विनय शर्मा दीप ने मां वीणा पाणिनी का स्मरण किया तत्पश्चात मंच पर आमंत्रित एकमात्र देवी स्वरूपा कवियत्री डॉ माधवी बोरसे- राजस्थान द्वारा सरस्वती वंदना की गई। सरस्वती वंदना के पश्चात सुंदर गीतों से डॉ माधवी बोरसे ने नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा देकर सभी का दिल जीत लिया। दूसरे नंबर पर अध्यात्म के कवि साहित्यकार वेद प्रकाश पांडे जौनपुर उत्तर प्रदेश ने अपने गीतों से सभी के दिलों में जगह बनाई तो वही मुख्य अतिथि के रुप में उपस्थित महासमुंद छत्तीसगढ़ से महेश राजा ने अपनी छोटी-छोटी रचनाओं से लोगों के दिलों को जीता। विनय शर्मा दीप के उत्कृष्ट संचालन की सराहना मुख्य अतिथि ने की और सभी साहित्यकारों की कविताओं ने पटल से जुड़े हुए श्रोताओं एवं साहित्यकारों आह्लादित कर दिया सभी ने खूब सराहा और राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ पटल को गौरवान्वित किया।उक्त समारोह का आयोजन,संयोजन राष्ट्रीय नव साहित्य कुंभ” के संस्थापक रामस्वरूप प्रीतम (श्रावस्तवी),सह- संस्थापक व अध्यक्ष अनिल कुमार राही(मुंबई),संयोजक संजय द्विवेदी (कल्याण-महाराष्ट्र), सचिव धीरेन्द्र वर्मा धीर(लखीमपुर खीरी), संरक्षक दिवाकर चंद्र त्रिपाठी “रसिक” (छत्तीसगढ़) एवं मीडिया प्रभारी विनय शर्मा “दीप” (ठाणे- महाराष्ट्र),उपाध्यक्ष सत्यदेव विजय (मुंबई),कोषाध्यक्ष प्रमिला मेहरा किरण,उपसचिव प्रियंका गुप्ता भोर के सहयोग से संपन्न हुआ।अंत में उपस्थित सभी साहित्यकारों को संस्था द्वारा सम्मान-पत्र देकर सम्मानित किया गया और संचालन करते हुए विनय शर्मा दीप ने उपस्थित सभी साहित्यकारों को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया और गोष्टी का समापन किया।

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