Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

उड़ान – डॉ. इन्दु कुमारी

उड़ान हम पंछी है धरा अंबर केसपनों की हम भरे उड़ान स्वच्छंद हो विचरण करूंहै हमें परिधि का ज्ञान जुड़ी …


उड़ान

उड़ान - डॉ. इन्दु कुमारी
हम पंछी है धरा अंबर के
सपनों की हम भरे उड़ान

स्वच्छंद हो विचरण करूं
है हमें परिधि का ज्ञान

जुड़ी रही सदा जमीं से
आसमां है छत समान

मुँडेरों पर बैठ कलरव
गाती रहूं सदा जयगान

शिखर पताका फहराऊँ:
उर्वरा वसुन्धरा सी लहराऊँ

समता के संदेश पहुचाऊँ
जन मन करे प्रेम का ज्ञान

समरसता मानव जीवन में
निरीह जीवों पर दया दान

शिकार ना कर ऐ नादान
स्वतंत्रता का गाऊँ गान

हौसलों में आ जाए जान
सपनों की हम भरे उड़ान।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

जानना – चन्दानीता रावत

January 7, 2022

।।जानना ।। सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखोजान जाओ परिस्थियो कोपरिवेश को तुम जानना सीखो सीख जाओगे तू जिन्दगी

नए साल में नई शुरुआत-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

नए साल में नई शुरुआत! नया-नया सा साल, नई नई सी बातें,नया नया सब कुछ है, नई नई सौगातें,नए-नए से

वह एक ही परम शक्ति-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

वह एक ही परम शक्ति! किस बात का गुरूर है तुझे इंसान,तू इतना भी हे नहीं महान,करने वाला वह, कराने

गुणगान ( गुरु)- तेज देवांगन

January 7, 2022

गुणगान( गुरु) कितना करूं गुणगान इनका,मेरे अल्फाज कम पड़ जाएंगे,अगर पीरों भी लूं इन्हे तारो में,मेरे साज कम पड़ जाएंगे.कितना

अकेला!-डॉ. माध्वी बोरसे

January 7, 2022

अकेला! दुख में हमेशा इंसान अकेला होता है, सुख में दुनिया उसके साथ होती है! उत्साह के लिए इंसान हमेशा

पधारो म्हारो राजस्थान-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 7, 2022

पधारो म्हारो राजस्थान! जीवंत संस्कृति, रेतीली मरुस्थलीय भूमि,  ऊंट पर बैठकर सवारी,  जब ये यादे मानस पटल पर आती,रखता है

Leave a Comment