Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

ई-कचरा

ई-कचरा! कंप्यूटर और उससे संबंधित अन्य उपकरण,टीवी, वाशिंग मशीन, मोबाइल फोन से जुड़े उत्पादन,उपयोग से बाहर होने पर कहते हैं …


ई-कचरा!

ई-कचरा
कंप्यूटर और उससे संबंधित अन्य उपकरण,
टीवी, वाशिंग मशीन, मोबाइल फोन से जुड़े उत्पादन,
उपयोग से बाहर होने पर कहते हैं इसे ई- अपशिष्ट,
इसको जलाने से होते हैं हम कई बीमारियों से संक्रमित!

पर्यावरण के लिए यह हे बहुत बड़ा नुकसान,
ई कचरे का निपटान नहीं हे आसान,
प्लास्टिक और कई तरह की धातुओं से मिलकर बनता है,
ई वेस्ट कैंसर तक का खतरा पैदा करता है!

ई कचरे की मरम्मत करके उसका करना होगा पुनर्निर्माण,
नए तरीके लेकर आए, इसका हो सके थोड़ा निपटान,
नगरपालिका कर सकती है इसका बेहतर निष्पादन,
उत्पादनकरता को नियमों में रहकर करना होगा उत्पादन!

चलो हम सब मिलकर बनते हैं जागरूक नागरिक,
देते हैं उनको जो करते हैं इसे रीसाइक्लिन,
बचाए इसके खतरे से हमारे पर्यावरण को,
सरकार का साथ दे ताकि इसका पूर्ण रूप से प्रबंधन हो!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

Sabse lachar prani byJitender Kabir

August 25, 2021

 सबसे लाचार प्राणी अच्छा कोई काम करे  अगर उनका दल तब तो जायज है फिर भी प्रशंसा के अतिरेक में

Koi ek bhi mil jaye by Jitendra Kabeer

August 25, 2021

 कोई एक भी मिल जाए ऐसे समय में  जबकि चाहत आम है बहुत लोगों में कि सबके दिलों पर वो

Aisi bahano ki kaun sune by Jitendra Kabeer

August 25, 2021

 ऐसी बहनों की कौन सुनें? रक्षाबंधन के अवसर पर असमंजस में रहती हैं वो स्त्रियां ब्याही गई हैं जो किसी

Rakshabandhan by Anita Sharma

August 25, 2021

 रक्षाबंधन सालभर के इन्तजार के बाद  आता राखी का त्यौहार है। रेशम के धागों में सजता  भाई-बहिन का प्यार है।

Bhookh by Anita Sharma

August 25, 2021

 भूख भूख की आग से तड़पता है कि भिखारी हाथ फैलाए भीख मांगता। कहीं कचड़े में कोई जीर्ण शीर्ण सा

Samaj ki tasveer by Sudhir Srivastava

August 25, 2021

 समाज की तस्वीर समाज की तस्वीर का बखान क्या करें साहब ? समाज कोई वस्तु तो है नहीं जो किसी

Leave a Comment