इसलिए तुमसे मिलता हूँ मैं बार बार | isliye tumse milta hu mai bar bar
इसलिए तुमसे मिलता हूँ मैं बार बार इसलिए तुमसे मिलता हूँ , मैं बार बार। मैं मनाता हूँ तुमको, इसलिए …
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कितनी हैरानी की बात है!- जितेन्द्र ‘कबीर
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कितनी हैरानी की बात है! कितनी हैरानी की बात हैकि भौतिक जीवन की सार हीनता औरमृत्यु को सहज भाव से
नशा एक परछाई-जयश्री बिरमी
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नशा एक परछाई क्यों चाहिए तुम्हे वो नशाजो तुम्हे और तुम्हारे प्यारोंको करता बरबाद हैं नशा करों अपने काम काया
द्विधा में लोकतंत्र- जयश्री बिरमी
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द्विधा में लोकतंत्र विरोध किसका संस्कृति का? क्यों हमारे समाज में कोई भी प्रश्न नहीं होने के बावजूद प्रश्नों को
सुबह- चन्दा नीता रावत
January 7, 2022
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गगन की बुलन्दीयो को छुना- चन्दानीता रावत
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गगन की बुलंदियों को छूना हैं उड़ना है हमे उड़ना हैगंगन की बुलंदियों को छूना हैआँखो के हसीन ख्वाब कोवास्तविकता कर जीना
जानना – चन्दानीता रावत
January 7, 2022
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