इसलिए तुमसे मिलता हूँ मैं बार बार | isliye tumse milta hu mai bar bar
इसलिए तुमसे मिलता हूँ मैं बार बार इसलिए तुमसे मिलता हूँ , मैं बार बार। मैं मनाता हूँ तुमको, इसलिए …
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मेरे किस्से -सतीश सम्यक
February 7, 2022
मेरे किस्से- सतीश सम्यक तुम्हें पता थाकिमैं तुम्हें पसंद करता हूँ।तभी तो तुम ,मुझे जलाने की खातिरनाम लिया करती थी
बेरोजगार हूं-दीप मदिरा
February 7, 2022
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जाति -पाति- -सिद्धार्थ गोरखपुरी
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जाति -पाति जाति-पाति में मत उलझो ,रहना है हमें हर ठाँव बराबर।सिर के ऊपर सूरज तपता ,तो पाँव केनीचे छाँव
नब्ज/नेता- सधीर श्रीवास्तव
February 6, 2022
नब्ज/नेता मैं नेता हूं मगर मैं दूसरे किस्म का नेता हूंगली गली नहीं भटकताजनता की नब्ज नहीं टटोलता,क्योंकि मुझे खुद
गाँधी जी तुम्हें प्रणाम- सुधीर श्रीवास्तव
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दोस्तों के नाम की शाम-सुधीर श्रीवास्तव
February 6, 2022
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