इसलिए तुमसे मिलता हूँ मैं बार बार | isliye tumse milta hu mai bar bar
इसलिए तुमसे मिलता हूँ मैं बार बार इसलिए तुमसे मिलता हूँ , मैं बार बार। मैं मनाता हूँ तुमको, इसलिए …
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तर्क या कुतर्क- जितेन्द्र ‘कबीर’
March 25, 2022
तर्क या कुतर्क जंग के समर्थन मेंकिसी के तर्कमुझे तब तक स्वीकार नहींजब तक वो खुद सपरिवारउस जंग में कूद
मौत की विजय- जितेन्द्र ‘कबीर’
March 25, 2022
मौत की विजय दुनिया के सभी युद्धों मेंपराजय जीवन कीऔर विजय मौत की होती है,शक्तिशाली होने का भ्रमपाले बैठा है
जनता जाए भाड़ में- जितेन्द्र ‘कबीर’
March 25, 2022
जनता जाए भाड़ में देशभक्ति की आड़ मेंकुछ लोगों ने अपने लिए जुटाईसारी सुख-सुविधाएं,बाकी बची जनता सब वस्तुओं परटैक्स भर-भरकरझोंकती
कितना विरोधाभास है?- जितेन्द्र ‘कबीर’
March 25, 2022
कितना विरोधाभास है? कितना विरोधाभास हैइंसान की फितरत में भी,अपनी हर मुसीबत मेंईश्वर का साथ पाने के लिएप्रार्थना करेगा भी
यह अवश्यंभावी है-जितेन्द्र ‘कबीर’
March 25, 2022
यह अवश्यंभावी है जिस समाज में कलाकारोंका समर्पणकला की उत्कृष्टता के लिए कमऔर उससे होने वालीकमाई व शोहरत पर ज्यादा
प्रचार से परे है सच्चाई- जितेन्द्र ‘कबीर’
March 25, 2022
प्रचार से परे है सच्चाई कानून के राज कीडींग हांकी जा रही है आजकल बहुत,लेकिन इस मामले मेंहत्या, बलात्कार, दबंगई
