Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

इश्क की इंतहा-जयश्री बिरमी

इश्क की इंतहा प्यार हो ही जाता हैं गर हो जुत्सजूजब इश्क हो ही जाता हैं रूबरूजब हो जानिब वफा–ए–यारक्यों …


इश्क की इंतहा

इश्क की इंतहा-जयश्री बिरमी
प्यार हो ही जाता हैं गर हो जुत्सजू
जब इश्क हो ही जाता हैं रूबरू
जब हो जानिब वफा–ए–यार
क्यों न हो दीदार–ए–यार
ये तो वो मर्ज हैं यारों
जो हैं ला– इलाज
ज्यूं ज्यूँ खाओ दवाई
बढ़ता जाता हैं मर्ज– ए–इश्क
लाइलाज मर्ज को न जरूरत हैं
तावीज और हकीम की
इसकी तो तासीर हैं वफा
दीदार–ए– यार ही काफी हैं
इश्क की इंतहा के लिए

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

Story-संसार के सुख दुःख / sansaar ke dukh

November 5, 2022

 संसार के सुख दुःख  यूं तो शिखा इनकी बहन हैं लेकिन कॉलेज में मेरे साथ पढ़ती थी तो हम भी

विवाह/mariage

November 5, 2022

विवाह बहुत दिनों बाद अपनी सखी के घर गई थी मैं,बेटी की शादी की बधाई भी देनी थी और मौसीजी

कविता-मानगढ़ धाम की गौरव गाथा/mangarh dham ki Gaurav yatra

November 5, 2022

आजादी का अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम के गुमनाम जनजातीय नायकों को याद करने

कविता-विकास के नाम से सुना था/vikas ke nam se soona tha

November 5, 2022

कविता-विकास के नाम से सुना था विकास के नाम से सुना था पर उसका भी दामन खाली हैकिसे सुनाऊं अपनी

कविता-हम जनता सबके मालिक हैं/hum janta sabke malik hai

November 5, 2022

कविता-हम जनता सबके मालिक हैं सरकार कानून सब साथ देंगे बस हमें कदम बढ़ाना हैहम जनता सबके मालिक हैं यह

कविता-मुस्कान में मिठास की परछाई है/ muskan me mithas ki parchhai hai

November 1, 2022

कविता-मुस्कान में मिठास की परछाई है मुस्कान में मिठास की परछाई है इस कला में अंधकारों में भी भरपूर खुशहाली

PreviousNext

Leave a Comment