Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, lekh

इंसानियत कहां हैं?

 इंसानियत कहां हैं? Jayshree birmi 25 मई की खबर हैं ये जब इंसानियत की तौहीन कर हैवानियत ने नंगा नाच …


 इंसानियत कहां हैं?

जयश्री बिरमी अहमदाबाद
Jayshree birmi

25 मई की खबर हैं ये जब इंसानियत की तौहीन कर हैवानियत ने नंगा नाच दिखाया था पुणे के सासवड थाना के क्षेत्र में।एक होटल के कर्मचारी ने तीन कचरा उठानेवालों पर उबलता पानी फैंका,शायद उन्हें वहां से भगाने के लिए।क्या इंसानियत मर चुकी हैं? तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसमें दो ने दम तोड दिया हैं।ये वाकया पुलिस स्टेशन से ज्यादा दूर नहीं घटा लेकिन जब उनमें से एक की मृत्यु होने पर ही प्रशासन ने मामला दर्ज किया।दो लोग तो मर ही चुके हैं और तीसरा भी सीरियस हैं।

 वाकया ऐसा था कि ये तीन लोग उस होटल के पास बैठा करते थे जिससे उस होटल के मालिक को एतराज था तो उनको वहां से भगाने के लिए उन्हें पिटा गया और एक कर्मचारी ने उन पर खौलते पानी की बाल्टी डाल दी।कर्मचारी को तो पुलिस ने पकड़ लिया हैं और होटल का मालिक फरार हैं।फरार होटल मालिक को राजकीय संरक्षण प्राप्त होगा ही तो देखें कबतक पकड़ा जाता है?

     लेकिन एक बात तो सामने आ गई हैं कि गरीबों की जान की कोई कीमत नहीं होती।वैसे गुजरात के अहमदाबाद में कुछ ऐसा देखा कि हैरान रह गई।कुछ मजदूर फुटपाथ पर टाइल्स लगा रहे थे वहीं कुछ दूरी पर किसी ने झोपड़ीनुमा प्लास्टिक का कपड़ा लगा टैंट सा बनाकर एक परिवार रह रहा था तो उन मजदूरों ने वह जगह छोड़ आगे की और काम शुरू कर दिया ।मेरे घर के पास ही ये देखा था तो मैंने पूछ ही लिया तो उन में से एक ने जवाब दिया,”ये तो हमारे वालें ही हैं न!”एकदम से ये सुन मुझे प्रसन्नता हुई कि कोई तो हैं जिन में एकता की भावना हैं,आपस में जुड़े हुए हैं।अगर कोई अमीर होता तो दूसरे अमीर को अपना मानने से ज्यादा अपना प्रतिस्पर्धी मानता लेकिन ये गरीब ही था जो दूसरे गरीब को अपना मान रहा था।क्या ये दुःख की ताकत ही थी जो इन्हे जोड़ रही थी।वैसे तो वे होटल कर्मचारी जिन्होंने खौलता पानी डाला वे भी धन कुबेर तो नहीं होंगे।

 अब देखें अमीर लोग कैसे होते हैं।अपने बेटे के लिए बहु के चयन हेतु कुछ लड़कियों से मुलाकातें हो रही थी।उनमें से एक किसी डायरेक्टर की बेटी, जिसके साथ बंदूकधारी सुरक्षा रहती थी वह हम से मिलने हमारे घर आई।आम चर्चा के दौरान बेकरी के बाहर सोएं लोगो के कुचलकर मारें जाने की बात हुई तो उसके जवाब को सुन मैं तो हैरान ही हो गई। कह रही थी,” उनको वहां फुटपाथ पर सोना ही नहीं चाहियें था।वह चलने की जगह पर सो रहे थे तो ये होना ही था।” मैने भी सिवमचा चलो चलने की जगा थी जहां वे लोग सो रहे थे लेकिन वह रास्ता भी नहीं था जहां कार चलाई गई थी।

  अब उसे समझाने की बारी थी तो मैं ने भी कहा कि वे लोग हमारे समाज के सिक्के का दूसरा हिस्सा हैं अगर अमीर लोग एक साइड हैं तो वे उसी सिक्के की दूसरी साइड हैं।कैसे एक साइड वाला सिक्का या समाज हो सकता हैं? ये समझना भी जरूरी हैं।उनको कोई मदद करें या न करें लेकिन उन से नफरत करना तो गुनाह ही कहा जायेगा। सिक्के की दूसरी साइड को अपनाना बहुत जरूरी हैं।ये वंचित लोग हैं शायद किस्मत या फिर उनसे कोई जातिवाद,राजनैतिक या सामाजिक अन्याय हो रहा होगा कि उनके ये बाद से भी बदतर हालत हैं।आज हम सभी को एक प्रण लेना हैं कि, अपने सिक्के को सबूत रखने के लिए उनकी समस्याओं को समझें न कि उनसे नफरत करें।

जयश्री बिरमी

अहमदाबाद


Related Posts

डॉ. माध्वी बोरसे ने बेहतरीन शिक्षण तकनीकों के माध्यम से छात्रों के जीवन को आसान बना दिया।

June 4, 2023

डॉ. माध्वी बोरसे सिंह इंसा ने सबसे बेहतरीन शिक्षण तकनीकों के माध्यम से छात्रों के जीवन को आसान बना दिया।

पइसा दे दो पइसा-व्यंग्य | Paisa de do paisa-satire

June 2, 2023

 पइसा दे दो पइसा-व्यंग्य पइसा दे दो पइसा, हाहाहाहाहा- अरे-अरे आप ग़लत समझ रहे । ये कोई मुफ्त मे पैसे

विश्व माता पिता दिवस 1 जून 2023 |

June 2, 2023

सुनिए जी ! मम्मी पापा आप अपने बच्चों के लिए ख़ुदा से भी बढ़कर हो भारत में विश्व माता पिता

लगता है वर्तमान का वक्त भी, इतिहास दोहराएगा | Looks like history will repeat itself

June 1, 2023

लगता है वर्तमान का वक्त भी, इतिहास दोहराएगा सही कह रही हूं, मुझे तो लगता है वर्तमान भी इतिहास ही

दास्तान-ए-तवायफ :नाच-गाना नहीं राष्ट्र के लिए गौरवगान कर चुकी वीरांगनाएं | Dastan-e-Tawaif

June 1, 2023

दास्तान-ए-तवायफ:नाच-गाना नहीं राष्ट्र के लिए गौरवगान कर चुकी वीरांगनाएं दास्तान-ए-तवायफ हम अक्सर जाने-अंजाने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को तो याद करते

आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट 2022-23 ज़ारी | RBI annual report 2022-23 released

June 1, 2023

आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट 2022-23 ज़ारी आरबीआई वार्षिक रिपोर्ट 22-23 में मज़बूत आर्थिक नीतियों, 500 रू के नकली नोट, फ्रॉड

PreviousNext

Leave a Comment