Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

आर्थिक परमाणु युद्ध

आर्थिक परमाणु युद्ध!!! चुनाव नतीजे घोषित – अब महंगाई डायन पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ाए अस्त्र सहारे जनता से करेगी …


आर्थिक परमाणु युद्ध!!!

आर्थिक परमाणु युद्ध
चुनाव नतीजे घोषित – अब महंगाई डायन पेट्रोल डीजल की कीमतें बढ़ाए अस्त्र सहारे जनता से करेगी आर्थिक परमाणु युद्ध ?

यूक्रेन-रूस युद्ध से कच्चे तेल में अप्रत्याशित तेज़ी से वैश्विक स्तरपर तैलीय पदार्थों की कीमतें बढ़ना तय ? – एड किशन भावनानी

गोंदिया – यूक्रेन-रूस युद्ध के चलते वैश्विक स्तरपर कच्चे तेल में अप्रत्याशित वृद्धि को देखते हुए जो अप्रत्याशित बाजार के भाव आज तक के सबसे ऊंचे स्तरपर पहुंचे हुए हैं उसपर भी अमेरिका के सबसे कड़क प्रतिबंध रूस पर बिना यूरोपीय सहयोगीयों की भागीदारी के उर्जा के आयात पर प्रतिबंध लगाया है जिसमें रूसी तेल, लिक्विड, नेचुरल गैस और कोयला शामिल होंगे!!! तथा ब्रिटेन ने भी इस साल के अंत से प्रतिबंध लगाने की घोषणा से वैश्विक स्तरपर हड़कंप मच गया है क्योंकि रूस ही इन यूरोपीय देशों को काफी मात्रा में तैलीय पदार्थों, गैस की आपूर्ति करता है ऐसी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आई है। जिसपर पेट्रोल डीजल सहित ईडेबल ऑयल और तैलीय वस्तुओं के रेट बढ़ना तय है!! जिसपर आम जनता से महंगाई डायन बढ़ी हुई कीमतों के अस्त्र सहारे आर्थिक परमाणु युद्ध छेड़ेगी!!!
साथियों बात अगर हम भारत की करें तो यह एक संयोग है या रणनीति कि जब-जब लोकतंत्र के महापर्व का आयोजन होता है तब तक पेट्रोल डीजल की कीमतें में स्थिरता रहती है!!! चाहे वैश्विक स्तरपर कच्चे तेल की कीमतें किसी भी बढ़ें स्तरपर पहुंच जाए इस संयोग को हम कई बार देख चुके हैं और इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट, सोशल मीडिया पर यह मुद्दा उछलता ही रहता है।
यह भी शायद संयोंग ही होगा कि बंगाल के साथ-साथ अभी पांच राज्यों में हुए लोकतन्त्र के महापर्व में भी हमने देखा कि 25 नवंबर 2021 से पेट्रोल डीजल की कीमत में स्थिरता है!!! जबकि यूक्रेन-रूस महायुद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें 125 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है!!! अमेरिका ने समस्त तैलीय वस्तुओं पर रूस से आयात पर प्रतिबंध, ब्रिटेन द्वारा इस साल के अंत से प्रतिबंध सहित भारत द्वारा रूस सहित अन्य देशों पर तैलीय पदार्थों के लिए निर्भरता से अभी युद्ध में अप्रत्याशित फ़र्क पड़ा है जिसके कारण तैलीय वस्तुओं पर अधिक वृद्धि हमें अभी वर्तमान में मार्केट में देखने को मिल रही है!!
अभी चुनाव नतीजे घोषित हो गए हैं तो हो सकता है 11 मार्च से कभी भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी वृद्धि देखने को मिले!!! इसपर एक केंद्रीय मंत्री का बयान टीवी चैनल पर आया कि पेट्रोल डीजल की कीमतों पर सरकार का नियंत्रण नहीं बल्कि बाजार में तय होता है, समझने वाले सब समझते हैं जो ना समझे वो अनाड़ी है!!!
साथियों बात अगर हम चुनाव नतीजे घोषित हो चुके हैं और पेट्रोल डीजल कीमतों की स्थिति की करें तो, मेरा मानना है कि अब महंगाई डायन 11 मार्च के बाद कभी भी पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाए अस्त्र के सहारे जनता से आर्थिक परमाणु युद्ध शुरू करेगी!!! और जनता जनार्दन असहाय होकर देखती रह जाएगी!! और देखती रहेगी कि कैसे फिर हो गया महंगाई का वार, कुछ मदद करेगी सरकार ? क्योंकि हम टीवी चैनलों पर 9 मार्च से ही डिबेट में देख रहे हैं कि कई विशेषज्ञ पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल की आशंका जता रहे हैं!!!
साथियों बात अगर हम रूस पर तेल संबंधी प्रतिबंध लगाए जाने के उनके बयान की करें कि तो, रूस ने चेतावनी भी दी थी कि क्रूड ऑयल कि कीमतें 300 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं। रूस के एक वरिष्ठ मंत्री ने सोमवार को कहा था कि पश्चिमी देशों को तेल की कीमतों में 300 डॉलर प्रति बैरल से अधिक का सामना करना पड़ सकता है और रूस-जर्मनी गैस पाइपलाइन के बंद होने का भी सामना करना पड़ सकता है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि वाशिंगटन और यूरोपीय सहयोगी रूसी तेल आयात पर केवल प्रतिबंध लगाने पर विचार करने के बयां के बाद ही सोमवार को तेल की कीमतें 2008 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं थी। यह क्रूड ऑयल का 14 सालों का सबसे ऊँचा स्तर है।
साथियों बात अगर हम रूस के उप प्रधानमंत्री के बयान की करें तो, रूसी तेल की अस्वीकृति वैश्विक बाजार के घातक हो सकतीं हैं। रूसी उप प्रधान मंत्री ने राज्य टेलीविजन पर एक बयान में कहा,यह बिल्कुल स्पष्ट है कि रूसी तेल की अस्वीकृति से वैश्विक बाजार के लिए विनाशकारी परिणाम होंगे। कीमतों में अप्रत्याशित उछाल होगा। ज्यादा नहीं तो यह 300 डॉलर प्रति बैरल होगा। उन्होंने कहा कि रूस से प्राप्त होने वाले तेल की मात्रा को बदलने के लिए यूरोप को एक वर्ष से अधिक समय लगेगा और उसे काफी अधिक कीमत चुकानी होगी। उनके मुताबिक, यूरोपीय राजनेताओं को अपने नागरिकों और उपभोक्ताओं को ईमानदारी से चेतावनी देने की जरूरत है कि क्या उम्मीद की जाए।
साथियों बात अगर हम रूस द्वारा आर्थिक परमाणु युद्ध!!! बयान की करें तो, अमेरिका के इस फैसले पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है, रूस ने कहा है कि ये आर्थिक परमाणु युद्ध है!!! और अब तक के इतिहास में लगाया गया यह सबसे बड़ा प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि रूस अपने तरीके से इसका जवाब देगा। इस बीच अमेरिका के बाद ब्रिटेन ने भी ऐलान किया है कि रूस से तेल आयात इस साल के अंत तक बंद कर दिया जाएगा। बाजार को रूस का विकल्प ढूंढने के लिए ये वक्त दिया गया है।
साथियों बात अगर हम एक रिपोर्ट की भविष्यवाणी की करें तो, रिपोर्ट के मुताबिक, भविष्यवाणी की है कि यदि रूसी निर्यात में व्यवधान लंबे समय तक रहा तो 2022 के अंत तक तेल, रिकॉर्ड 185 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है। वहीं रूस ने चेतावनी दी है कि पश्चिमी देशों द्वारा रूस की एनर्जी सप्लाई में कटौती से कच्चे तेल की कीमत 300 डॉलर के पार पहुंच सकती है। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत 300 डॉलर प्रति बैरल पहुंचती है तो देश में पेट्रोल-डीजल की कीमत 200 रुपये प्रति लीटर पहुंच सकती है। इसलिए वर्तमान में पेट्रोल में 8.5 फीसदी इथेनॉल होता है, इन दोनों के दाम की बात करें तो पेट्रोल 100 रुपये लीटरऔर इथेनॉल 60 62 रुपये प्रति लीटर बिकता है। अगर पेट्रोल में एथेनॉल की मात्रा को बढ़ाने की प्रोसेस जो चालू है, उसमें अति तीव्रता लाई जाए तो भारत के लिए सुनहरा मौका होगा!!!
अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन कर उसका विश्लेषण करें तो हम पाएंगे कि आर्थिक परमाणु युद्ध!!! चुनाव नतीजे घोषित हो चुके हैं- अब महंगाई डायन पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाए अस्त्र सहारे जनता से करेगी परमाणु आर्थिक युद्ध!!! यूक्रेन-रूस युद्ध से कच्चे तेल में अप्रत्याशित तेजी से वैश्विक स्तरपर तैलीय पदार्थों की कीमतें बढ़ना तय है ?

-संकलनकर्ता लेखक- कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

जाति व्यवस्था से ज्यादा हीन या श्रेष्ठ मानना एक समस्या है।

December 18, 2022

जाति व्यवस्था से ज्यादा हीन या श्रेष्ठ मानना एक समस्या है। जाति आधारित व्यवसाय कोई समस्या नहीं है लेकिन एक

मिलीभगत से जप्त माल को बदल देता हूं

December 18, 2022

यह व्यंग्यात्मक कविता एक राज्य में हुए जहरीली मदिरा कांड से मृत्यु में बात सामने आई थी कि जब्ती माल

जीएसटी काउंसिल की 48 वीं बैठक – व्यापार को सुगम बनाने में मज़बूत उपाय

December 18, 2022

 जीएसटी काउंसिल की 48 वीं बैठक में एजेंडा 15 में से 8 बिंदुओं को पूरा किया गया  जीएसटी काउंसिल की

काशी-तमिल संगमम् यज्ञ की पूर्णाहुति

December 17, 2022

काशी-तमिल संगमम् यज्ञ की पूर्णाहुति भारत अनेक संस्कृतियों कलाओं भाषाओं बोलियों का देश है, लेकिन इसकी आत्मा एक है भारत

Maa-ki-mamta-par-kavita

December 17, 2022

कविता-मां की ममता मां की ममता मिलती हैं सबको कोई अच्छूता नहींकद्र करने की बात है कोई करता कोई नहीं

Pita ke pyar par kavita

December 17, 2022

कविता-पिता का प्यार अनमोल है पिता का प्यार अनमोल है पर वह कभी जताते नहीं बच्चों के लिए सब कुछ

Leave a Comment