Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Sonal Manju

आया है नवरात्रि का त्योहार

आया है नवरात्रि का त्योहार आया है नवरात्रि का त्योहार।नवरात्रि में माँ का सजेगा दरबार।गली-गली गूँजेंगे भजन कीर्तन,माँ अंबे की …


आया है नवरात्रि का त्योहार

आया है नवरात्रि का त्योहार

आया है नवरात्रि का त्योहार।
नवरात्रि में माँ का सजेगा दरबार।
गली-गली गूँजेंगे भजन कीर्तन,
माँ अंबे की होगी जय जय कार।।

आयी है होकर शेरों पर सवार।
माता ने किये है सोलह श्रृंगार।
लगे सौम्य सुंदर मुखड़ा माँ का,
दिखता आँखों में असीम प्यार।।

माँ ने करने को भक्तों का उद्धार।
नवरात्रि में लिये थे नौ अवतार।
पाप जब बढ़ गया था दुष्टों का,
किया था माँ ने असुरों का संहार।।

मेरा हृदय है मइया आपका द्वार।
आपकी कृपा से होगा बेड़ा पार।
सुख, समृद्ध, स्वस्थ हो प्रियजन,
सुनो इतनी अरज करो उपकार।।

जगदम्बे अब फिर से लो अवतार।
या भर दो बेटियों में शक्ति अपार।
डाले जो कोई उनपर गन्दी नजर,
चंडी बनके कर दे दुष्टों का संहार।।

About author 

Sonal manju

सोनल मंजू श्री ओमर
राजकोट, गुजरात – 360007


Related Posts

एहसास एक लड़की के

August 30, 2022

“एहसास एक लड़की के” दुनिया मेरे लिए ख़ौफ़ की बिहड़ नगरी है,अंधेरों से नहीं मुझे उजालों से डर लगता है,

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान।

August 30, 2022

कन्यादान नहीं, कन्या-सम्मान। यह कैसा शब्द है कन्यादान, कौन करता है अपनी जिंदगी को दान,माता- पिता की जान से बढ़कर,कैसे

हां मैं हूं नारीवादी!

August 28, 2022

हां मैं हूं नारीवादी! नारीवाद के प्रमुख प्रकार, स्‍त्रियों को पुरुषों के समान अधिकार,ऐसा विश्‍वास या सिद्घांत,भेदभाव का हो देहांत,और

खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता

August 28, 2022

कविता: खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता खुद गरीब पर बच्चों को अमीर बनाते हैं पिता  कभी

कब प्रशस्त होगी हर नारी

August 25, 2022

“कब प्रशस्त होगी हर नारी” अब एक इन्कलाब नारियों की जिजीविषा के नाम भी हो, तो कुछ रुकी हुई ज़िंदगियाँ

वजह-बेवजह रूठना

August 25, 2022

वजह-बेवजह रूठना। वजह-बेवजह क्यों बार-बार रूठना,छोटी-छोटी बातों पर बंधनों का टूटना,क्यों ना जीवन में समझदारी दिखाएं,शिष्टाचार, प्रेम और स्वाभिमान के

PreviousNext

Leave a Comment