आम फलों का राजा है,
मीठा-मीठा ताजा है।
गर्मी में यह आता है,
सबके मन को भाता है।
पीला, हरा, सुहाना है,
रसीला और निराला है।
पके आम का मज़ा है प्यारा,
कच्चे आम से अचार है न्यारा।
तू भी खा ले, मैं भी खाऊँ,
सब मिल-जुल कर आम का गान गाऊँ!
– डॉ. मुल्ला आदम अली
तिरुपति – आंध्र प्रदेश






