Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, saraswati_mallick

आभासी दुनियाँ- सरस्वती मल्लिक

आभासी दुनियाँ अद्भुत है बहुत ,यह आभासी दुनियाँप्यारी है बहुत ,जैसे सपनों की दुनियाँमित्र मिले यहाँ बहुत ,बनी नए रिश्तों …


आभासी दुनियाँ

आभासी दुनियाँ- सरस्वती मल्लिक

अद्भुत है बहुत ,
यह आभासी दुनियाँ
प्यारी है बहुत ,
जैसे सपनों की दुनियाँ
मित्र मिले यहाँ बहुत ,
बनी नए रिश्तों की दुनियाँ
दुखी होता है मन बहुत ,
देखने को मिलता है जब
दोहरे चरित्र वालों की दुनियाँ
खुशी मिलती है बहुत
जब कोई अनजान , अनदेखा
कहता है मुझको बहन और प्यारी बिटिया
देता है आशीष बहुत ,
कहता है “खुश रहो सदा तुम,
आबाद रहे तुम्हारी दुनियाँ “
आते हैं यहाँ बहुत ,
उद्देश्य होता है जिनका सिर्फ दिल बहलाना ,
रहना सदा सावधान
कभी इनकी बातों में न पड़ना ,
घातक है बहुत ,
मीठी बातों से बहकाने वालों की दुनियाँ,
आवश्यक है बहुत ,
जरूरत है सबकी ,
यह आभासी दुनियाँ
फँसना नहीं कभी
किसी के मोहजाल में
बर्बाद हो सकती है ,
वरना हमारी दुनियाँ ।

मौलिक, स्वरचित
सरस्वती मल्लिक
मधुबनी, बिहार


Related Posts

सोच में अंतर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

सोच में अंतर जितना कर सकते थे, उससे कहीं ज्यादा बढ़करकरते हैं मां – बापअपनी औलाद के लिए मगर शिकायत

हत्याओं का वर्गीकरण- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 10, 2021

हत्याओं का वर्गीकरण दुनिया के बहुत से देशों में सत्ता धारियों की नीतियों केविरोध में उभरी आवाजों की हत्याएं,उस देश

निडर बनो-डॉ. माध्वी बोरसे

December 10, 2021

निडर बनो! चुनौतियों का सामना करते हैं,सच्चाई के लिए लड़ते हैं,इंसानियत पर डट कर चलते हैंचलो निडर बनते हैं! आंसुओं

मां भारती का लाल-हेमलता दाहिया…

December 10, 2021

“मां भारती का लाल” था वीर पुत्र वो बलिदानी,देता दुश्मनों को ललकार.मुख मंडल में तेज सूर्य,आंखो में ज्वाला अंगार .रग-रग

अच्छी चाह तो अच्छी राह- डॉ. माध्वी बोरसे!

December 10, 2021

अच्छी चाह तो अच्छी राह! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और

जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना

December 10, 2021

अपनी जिंदगी का रिमोट कंट्रोल अपने हाथों से चलाना! उन्होंने मुझे हंसा दिया,उन्होंने मुझे रुला दिया,उन्होंने मुझे गुस्सा दिलाया,उन्होंने मुझे

Leave a Comment