Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Rakesh madhur

आप और मधुकवि मधुर गीत

आप और मधुकवि मधुर गीत सुकृत सुमन शुभ सुरभि सयानी||मोहनि छवि मुख पर मुस्कानी|| देखे कई पुष्प उपवन में||तुम सा …


आप और मधुकवि मधुर गीत

सुकृत सुमन शुभ सुरभि सयानी||
मोहनि छवि मुख पर मुस्कानी||

देखे कई पुष्प उपवन में||
तुम सा ना देखा जीवन में||

देख देख सौंदर्य सूर्य मुख,सुंदरता निज मन सकुचानी||
मोहनि छवि मुख पर मुस्कानी||

आँखो से उतरा हिरदय में||
खोया जीवन हाय प्रणय में||
तुम्हें देखकर दिव्य पथिक हे,नीरस रितु हो गई सुहानी||
मोहनि छवि मुख पर मुस्कानी||

विधि का तुम अद्वितीय सृजन हो||
सृष्टि मध्य तुम पावन तन हो||
धन्य हुआ वो पुरुष सृष्टि में,जिसे देख कर तुम हरषानी||
मोहनि छवि मुख पर मुस्कानी||

प्रेम भाव से मन भर आया||
दर्शन मधुर आप का पाया||
तुम करुणा तुम क्षमा श्रेष्ठ हो,सुरभि सुधा सुंदर गुण खानी||
मोहनि छवि मुख पर मुस्कानी|
सुकृत सुमन शुभ सुरभि सयानी||

About author 

Madhukavi Rakesh madhur

मधुकवि राकेश मधुर

गांव-चाबरखास
तहसील–तिलहर
जनपद-शाहजहांपुर यू पी

Related Posts

कविता-पहले बुद्धू बनना पड़ेगा| pehle buddhu banna padega

November 13, 2022

कविता-पहले बुद्धू बनना पड़ेगा किसी से ज्ञान प्राप्त करना है तो अपना ज्ञानवर्धन कर आगे बढ़ना है तो किसी में

अब न स्वांग रचो| Ab na swang racho

November 13, 2022

अब न स्वांग रचो| Ab na swang racho  जो सच है वह सच है खुलकर इसको स्वीकार करो ,झूठ का

व्यंग्य कविता-किसी को बताना मत|kisi ko batana mat

November 13, 2022

व्यंग्य कविता-किसी को बताना मत बड़े बुजुर्गों की कहावत सच है कि हाथी के दांत दिखाने खाने के और हैं

बच्चों में भगवान बसते हैं/ children day special

November 8, 2022

यह कविता 14 नवंबर 2022 बाल दिवस के उपलक्ष में, बच्चों पर आधारित कविता है   कविता बच्चों में भगवान बसते

कॉकरोच/cockroach

November 8, 2022

शीर्षक – कॉकरोच(cockroach) डियर कोकरोच, तुम इतना क्यों सताते हो ? मालिकाना हक है क्या तुम्हारा ? जो इतराते हो?

एक-नेक हरियाणवी!!/ek nek Hariyanvi

November 5, 2022

एक-नेक हरियाणवी!! धर्म-कर्म का पालना, गीता का उपदेश !सच में हरि का वास है, हरियाणा परदेश !! अमन-चैन की ये

PreviousNext

Leave a Comment