Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh

आने वाले वर्षों में इंसानों से ज्यादा होंगे रोबोट

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स साथ-साथ कदम मिला रहे हैं, उसका परिणाम आने वाले वर्षों में अगर आपके आसपास इंसानों से …


आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स साथ-साथ कदम मिला रहे हैं, उसका परिणाम आने वाले वर्षों में अगर आपके आसपास इंसानों से ज्यादा रोबोट घूमते नज़र आएं तो आपको कैसा लगेगा? कुछ बातें सुनने में साइंस फ़िक्शन जैसी लगती हैं, लेकिन जिस रफ्तार से टेक्नोलाजी आगे बढ़ रही है, उसे देखते हुए रोजमर्रा के कामों में रोबोट का प्रभुत्व बढ़ना अब कल्पना नहीं, बल्कि संभावित हक़ीकत है। हाल ही में दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनामिक फोरम में टेस्ला कार फेम अरबपति एलन मस्क ने कहा कि आने वाले वर्षों में इंसानों की तुलना में रोबोटों की संख्या अधिक होगी।
टेक्नोलाजी की दुनिया में एलन मस्क जो कहते हैं, उसे अक्सर ब्रह्मवाक्य माना जाता है, क्योंकि उनकी बातें ठोस शोध और विकसित होती तकनीक पर आधारित होती हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स एक-दूसरे के साथ कदम मिला रहे हैं। यह साझेदारी आर्थिक, सैन्य और अन्य क्षेत्रों में बड़ी उथल-पुथल ला सकती है। मस्क की भविष्यवाणी में दम इसलिए भी है, क्योंकि उनकी टेस्ला कार के कारखानों में अगले बारह महीनों में ही रोबोट जटिल कहे जाने वाले काम भी करने लगेंगे।
यह सच है कि इंसानों के कई काम आज रोबोट कर रहे हैं, लेकिन कुछ जटिल काम ऐसे थे, जो केवल इंसान ही कर सकता था। अब समय बदल गया है। अब रोबोट ऐसे पेचीदा और कठिन काम भी कर पा रहे हैं, जिनके लिए पहले केवल मानव बुद्धि की जरूरत होती थी और इसमें एआई की मदद ली जा रही है।
मस्क का कहना है कि आने वाले वर्षों में हम इंसानों जैसे गुणों वाले रोबोट बाजार में उतारने की योजना बना रहे हैं। एक समय ऐसा आएगा, जब स्मार्टफोन की तरह हर कोई अपने साथ एक रोबोट रखने के बारे में सोचने लगेगा। मस्क ने यह भी भविष्यवाणी की है कि आने वाले वर्षों में इंसानों की तुलना में रोबोटों की संख्या ज्यादा होगी। मस्क की यह बात हकीक़त बनने में ज्यादा समय नहीं लेगी।
रोबोट के इस्तेमाल में अमेजन अग्रणी है। ऑटोमोबाइल कंपनियों के कुछ सेक्शनों में केवल रोबोट ही काम करते हैं, जहां इंसान सिर्फ़ ऑपरेटिंग सिस्टम में सेट किए गए होते हैं। अमेजन अगले दस वर्षों में लगभग 10 लाख रोबोट काम पर लगाने के लिए निवेश कर रहा है। वॉलमार्ट और यूपीएस जैसी कंपनियां भी रोबोटिक सिस्टम में निवेश कर सकती हैं।
अमेजन ने एक दशक पहले अपने वेयरहाउस में रोबोट का इस्तेमाल शुरू किया था। उस समय ऐसा नहीं लगता था कि रोबोट इंसानों को रिप्लेस कर देंगे। धीरे-धीरे रोबोट जटिल काम भी करने लगे और इंसानों की नौकरियों पर खतरा बढ़ने लगा। ऐसा लगता है कि अमेजन में रोबोटों की फौज मानव कामगारों की नौकरियां छीन लेगी। वर्तमान में अमेजन के अधिकांश ऑनलाइन आर्डर रोबोटिक असिस्टेंट की मदद से सप्लाई किए जाते हैं। एक समय अमेजन नेट जाब क्रिएटर की सूची में आता था, लेकिन रोबोट के बढ़ते इस्तेमाल के बाद वह नेट जाब डिस्ट्रायर की सूची में आ सकता है।
रोबोट का सबसे ज्यादा उपयोग करने वाला देश दक्षिण कोरिया है। भारत में भी आटो कंपनियां वन-टू-वन आदेशों का पालन करने वाले रोबोटों का इस्तेमाल करने लगी हैं।
मस्क की रोबोट प्रगति संबंधी बात इसलिए भी संभव लगती है, क्योंकि हाल ही में गणतंत्र दिवस की रिहर्सल परेड में पीठ पर राइफल बांधे रोबोटिक डाग को देखकर लोग चकित रह गए थे। ये यांत्रिक सैन्य श्वान कूच-कदम कर रहे थे। यह चार पैरों वाला रोबोट अत्याधुनिक तकनीक का कमाल है। इनमें मूविंग कैमरे फिट होते हैं। 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर भारतीय सैनिकों के साथ मार्च करते हुए जब ये रोबोटिक डाग दिखाई देंगे, तो लोग तकनीक को भी सैल्यूट करेंगे।
भारतीय सेना में लगभग 100 रोबोटिक डाग शामिल किए गए हैं। स्वचालित हथियारों की सूची में इन रोबोट डाग को रखा गया है। राइफल से लैस ये डाग केवल बम खोजने के काम में ही नहीं आएंगे, बल्कि कोने-कोने में छुपे दुश्मनों को ढूंढकर मार गिराने की क्षमता भी रखते हैं। बम स्क्वाड में तो इनका उपयोग होगा ही। स्कूलों आदि को उड़ाने की धमकियां मिलने पर जांच-पड़ताल के लिए भी इन डाग स्क्वाड का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
चार पैरों वाला यह रोबोट किसी भी तरह की पथरीली जमीन पर दौड़ सकता है। आतंकवादियों को रोबोट डाग का सामना करना नहीं आएगा और उनका अंत तय हो जाएगा। रोबोट डाग के कारण सेना में काम करने वाले बहुमूल्य जवानों की जान बचाई जा सकेगी।

स्नेहा सिंह
जेड-436ए, सेक्टर-12,
नोएडा-201301 (उ.प्र.)
मो- 8368681336


Related Posts

भारत अमेरिका का अगला मुकाम अब् अंतरिक्ष बनेगा

September 18, 2023

भारत अमेरिका की यारी, दुनियां हमारी – इसरो प्लस नासा इक्वल टू आकाश हमारा भारत अमेरिका का अगला मुकाम अब्

स्वयं को छोटा कहलाने वाला व्यक्ति सबसे श्रेष्ठ गुणवान

September 18, 2023

स्वयं को छोटा कहलाने वाला व्यक्ति सबसे श्रेष्ठ गुणवान होता है आओ निंदा त्यागने का संकल्प लें आओ हम खुद

जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल की 31 बेंचों के लिए अधिसूचना जारी

September 18, 2023

जीएसटी अपीलेट ट्रिब्यूनल की 31 बेंचों के लिए अधिसूचना जारी – विवाद सुलझाने में तेजी आएगी व्यापारियों जीएसटी करदाताओं के

विनम्र होकर भारतीय संस्कृति और परंपरा का परिचय दें

September 16, 2023

आओ विनम्र होकर भारतीय संस्कृति और परंपरा का परिचय दें जीवन में कुछ बनने के लिए विनम्र होना ज़रूरी- बीज

पत्रकारिता ज़बरदस्त राजनीतिक मुद्दा बना

September 16, 2023

पत्रकारिता ज़बरदस्त राजनीतिक मुद्दा बना ! राजनीतिक रीत सदा चली आई – जिसकी लाठी उसी ने भैंस पाई ए बाबू

ज़न्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन अधिनियम 2023 1 अक्टूबर 2023 से लागू

September 16, 2023

ज़न्म और मृत्यु पंजीकरण संशोधन अधिनियम 2023 1 अक्टूबर 2023 से लागू – भारत के राजपत्र में अधिसूचना जारी सुनिए

PreviousNext

Leave a Comment