Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, Jayshree_birmi, lekh

आज फिर विभीषण जाग उठा

आज फिर विभीषण जाग उठा पंजाब की राजनीति आज कल कुछ ज्यादा ही प्रवाही हो गई हैं।कैप्टन अमरिंदरसिंह की अवमानना …


आज फिर विभीषण जाग उठा

आज फिर विभीषण जाग उठा
पंजाब की राजनीति आज कल कुछ ज्यादा ही प्रवाही हो गई हैं।कैप्टन अमरिंदरसिंह की अवमानना और उनके मुख्यमंत्री पद को छोड़ना सब का पंजाब के जनमानस पर बहुत गहरा असर पड़ा हैं।ये सब हुआ हैं कपिल शर्मा के शो से निष्कासित और बीजेपी से भाग कर आए अति महत्वाकांक्षी बोल से गोल करने की इच्छा रखने वाले क्रिकेट की दुनियां में भी अपने अति परक्रमों की श्रृंखला के बाद राजकरण में पदार्पित श्री श्री सिद्धू जी की वजह से।मुख्य मंत्री बनने की चाह में पंजाब की राजनीति में भूचाल लाने के बावजूद चन्नी जी मुख्य मंत्री बने किंतु पंजाब में कांग्रेस की साख को ताक पर रख दी इन दोनों नेताओं ने।बहुत घटनाएं घटी किंतु प्रधान मंत्री की सुरक्षा में सेंध के बाद लाख बचावों के बाद भी उनकी छवि सही नहीं हो रही थी।
दूसरी ओर अकाली दल से नाता छूट ने बाद बीजेपी का वर्चस्व पंजाब ने कम हो गया हैं।आतंकवाद के समर्थक और नशे के व्योपारियों ने पंजाब को अपने शिकंजे में पकड़ रखा हैं ,जिससे छुड़वा ने के लिए कोई मातबर मुख्यमंत्री की जरूरत हैं ,जो आज कहीं भी नजर नहीं आ रहे।आम आदमी का थोड़ा महत्व दिख रहा था मुफ्त मुफ्त के एजेंडे के साथ लेकिन उनके लिए दो प्रश्न हैं एक तो पंजाब के बाहर के बंदे को मुख्य मंत्री के पद पर आसीन होते जनता नहीं देख पाएगी और दूसरा उनका अलगाववादी संगठनों से नाता ,जिसकी वजह से पंजाब की राजनीति में पहुंच कर भी नहीं पहुंच पा रहे हैं केजरीवाल। उनको दिल्ली के मुख्यमंत्री से बड़ा पद पंजाब के मुख्यमंत्री बनने का हैं इसी तमन्ना में सभी हथकंडे आजमा के ओपिनियन पोल में अपने दल को अग्रसर कर के भी अब पीछेहठ हो रही हैं।क्योंकि उन्हीं के विभीषण ने उनको पराजित कर दिया हैं।उनकी मंशा को सब के सामने उजागर कर के रख दिया हैं।मुख्य मंत्री तब बनेंगे जब चुनाव में जीतेंगे लेकिन अलगाववादी से सहारा ले कर और उनको सहारा दे कर तो आजाद देश के प्रधानमंत्री बन जाएंगे ये केजरीवाल का अपना वक्तव्य था।जिसे कुमार विश्वास ने जग जाहिर कर केजरीवाल की मैली मुरादों को उजागर कर गया हैं।अब तो पंजाब की जनता ही हैं जो तय करेगी कि आतंकवाद का समर्थक और नशेड़ी तंत्र चाहिए या एक सुव्यवस्थित राज्य चाहिए।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

हमें सॉफ्ट पुलिसिंग की आवश्यकता क्यों है?

September 17, 2022

 हमें सॉफ्ट पुलिसिंग की आवश्यकता क्यों है? समाज की सेवा व सुरक्षा के लिए व्यवस्थित की गई पुलिस हर जगह

मेंढक बाहर निकल रहे है

September 17, 2022

“मेंढक बाहर निकल रहे है” जिस तरह छह महीने मिट्टी में दबे रहने वाले मेंढक बारिश के आते ही, बरसात

नवयुवाओं सस्ती नहीं ये जिंदगी

September 17, 2022

नवयुवाओं सस्ती नहीं ये जिंदगी रोज अखबार पढ़ने की मेरी आदत साथ ही रोज़ टेलीविजन पर केवल खबरों को देखना

कोशिश करने वालों की हार नहीं होती

September 17, 2022

“कोशिश करने वालों की हार नहीं होती” “नहीं झुकी ज़माने की जबर्दस्ती के आगेहवाओं के ख़िलाफ़ बहने वाली वामा हूँ,

15 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस

September 17, 2022

(15 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस)कमजोर पड़ते विपक्ष से भारतीय लोकतंत्र खतरे में सरकार को आलोचना को सिरे से खारिज करने

चलो अब मुखर हो जाएँ

September 17, 2022

“चलो अब मुखर हो जाएँ” ये कैसे समाज में जी रहे है हम जब भी सोचते है हमारे आस-पास हो

Leave a Comment