Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, lekh

आओ खाद्य नायक बने – किसी को पीछे ना छोड़े

 सभी के लिए भोजन  आओ खाद्य नायक बने – किसी को पीछे ना छोड़े  अंतरराष्ट्रीय स्तरपर भूख के खिलाफ़ एकजुट …


 सभी के लिए भोजन 

आओ खाद्य नायक बने – किसी को पीछे ना छोड़े 

अंतरराष्ट्रीय स्तरपर भूख के खिलाफ़ एकजुट होकर रणनीतिक समाधान खोज़ना समय की मांग – एडवोकेट किशन भावनानी 

गोंदिया – सृष्टि रचनाकर्ता ने 84 करोड़ योनियों की रचना कर पृथ्वी पर विचरण के लिए अवतरित किया है तो उनके जीवन यापन में जरूरी तत्वों जैसे भोजन पानी हवा और खूबसूरत प्राकृतिक संसाधनों का निर्माण भी कर दिया है और अपने अपने स्तरपर ऐसी क्षमताएं भी जीव के शरीर में समाहित कर दी है कि इन तत्वों को ग्रहण कर अपने जीवन की गाड़ी को आगे बढ़ाएं। सभी जीवो से सर्वश्रेष्ठ बौद्धिक क्षमता मानवीय जीवन में दी है ताकि सृष्टि और अन्य जीवों के कल्याण में उच्च क्षमता का उपयोग कर सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय श्लोक को चरितार्थ करें। वैसे तो जीवन यापन में इन सभी तत्वों का अपना अपना विशेष अनिवार्य महत्व है परंतु चूंकि,16 अक्टूबर 2022 को विश्व खाद्य दिवस मनाए हैं, इसलिए आज हम मीडिया में उपलब्ध जानकारी के सहयोग से इस आर्टिकल के माध्यम से चर्चा करेंगे कि सभी के लिए भोजन, आओ खाद्य नायक बने, किसी को पीछे ना छोड़े। 

साथियों बात अगर हम विश्व खाद्य दिवस मनाने के कारणों और भूख के तथ्यों की करें तो, दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा को सुरक्षित और उन्नत करना है,खासकर संकट के दिनों में। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन ने पहल कर विश्व खाद्य दिवस को संभव बनाने और इसके लक्ष्य को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। विश्व भूख तथ्य -लगभग 821 मिलियन लोग लंबे समय से कुपोषित हैं, 2015 में 785 मिलियन से अधिक दर्ज किए गए।लगभग 99 फ़ीसदी कुपोषित लोग विकासशील देशों में रहते हैं। दुनिया में भूखे लोगों में लगभग 60 फ़ीसदी महिलाएं हैं। लगभग पांच में से एक जन्म कुशल जन्म परिचारक के बिना होता है। हर साल लगभग 20 मिलियन शिशु जन्म के समय कम वजन के साथ पैदा होते हैं, उनमें से 96.5 फ़ीसदी विकासशील देशों में होते हैं। बच्चों में होने वाली कुल मौतों में से लगभग 50 फ़ीसदी 5 साल से कम उम्र के कुपोषण के कारण होती हैं। दुनिया भर में, 80 फ़ीसदी से अधिक अत्यधिक गरीब ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं और कई अपने जीवन यापन के लिए कृषि और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर हैं। वे आमतौर पर प्राकृतिक और मानव निर्मित आपदाओं से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं और अक्सर अपने लिंग, जातीय मूल या स्थिति के कारण हाशिए पर चले जाते हैं। यह उनके लिए प्रशिक्षण, वित्त, नवाचार और प्रौद्योगिकियों तक पहुंच हासिल करने का संघर्ष है। 

साथियों बात अगर हम वैश्विक संकटों के बीच भूख से निपटने की करें तो, वैश्विक संकटों के सामने, वैश्विक समाधानों की पहले से कहीं अधिकआवश्यकता है। बेहतर उत्पादन, बेहतर पोषण, बेहतर पर्यावरण और बेहतर जीवन के लक्ष्य से, हम कृषि खाद्य प्रणालियों को बदल सकते हैं और टिकाऊ और समग्र समाधानों को लागू करके बेहतर निर्माण कर सकते हैं जो दीर्घकालिक विकास, समावेशी आर्थिक विकास और अधिक लचीलापन पर विचार करते हैं। एक स्थायी दुनिया वह है जहां हर कोई मायने रखता है। सभी लोगों के भोजन, पोषण, शांति और समानता के अधिकार को प्राथमिकता देने के लिएसरकारों , निजी क्षेत्र, शिक्षाविदों और नागरिक समाज और व्यक्तियों को एकजुटता से काम करने की आवश्यकता है। वास्तव में, हम में से प्रत्येक, जिसमें युवा भी शामिल हैं, एक समावेशी और टिकाऊ भविष्य की दिशा में काम कर सकते हैं, अपने कार्यों में अधिक सहानुभूति और दया दिखा सकते हैं। हमारी वैश्वीकृत दुनिया वह है जहां हमारी अर्थव्यवस्थाएं, संस्कृतियां और आबादी तेजी से परस्पर जुड़ी हुई हैं। हम में से कुछ लोग इस बात से असुरक्षित हैं कि हम कौन हैं या हम कहाँ रहते हैं, लेकिन वास्तविकता यह है कि हम सभी नाजुक हैं। कोई पीछे छूट जाता है तो जंजीर टूट जाती है। यह न केवल उस व्यक्ति के जीवन को बल्कि हमारे जीवन को भी प्रभावित करता है। 

साथियों बात अगर हम 2022 की थीम किसी को पीछे ना छोड़ें की करें तो अभी वर्तमान में भी चल रही महामारी, संघर्ष, एक ऐसा माहौल देता है जो वार्मिंग, बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय तनाव को नहीं रोकेगा। इससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा प्रभावित हो रही है। हमें एक स्थायी दुनिया बनाने की जरूरत है जहां हर किसी को, हर जगह पर्याप्त पौष्टिक भोजन की नियमित पहुंच हो।किसी को पीछे नहीं छोड़ना चाहिए। हालांकि हमने एक बेहतर दुनिया के निर्माण की दिशा में प्रगति की है, लेकिन बहुत से लोग पीछे छूट गए हैं। जो लोग मानव विकास, नवाचार या आर्थिक विकास से लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। वास्तव में, दुनिया भर में लाखों लोग स्वस्थ आहार का खर्च नहीं उठा सकते हैं, जिससे उन्हें खाद्य असुरक्षा और कुपोषण के उच्च जोखिम में डाल दिया जाता है। लेकिन भूख को खत्म करना केवल आपूर्ति के बारे में नहीं है। आज ग्रह पर सभी को खिलाने के लिए पर्याप्त भोजन का उत्पादन किया जाता है। हम सभी जुड़े हुए है! हमारे भोजन से लेकर हमारीसंस्कृतियों, पर्यावरण और अर्थव्यवस्थाओं तक, हम एक वैश्वीकृत दुनिया में रहते हैं। जलवायु परिवर्तन, संघर्ष और असमानता अक्सर लोगों के समूहों को पीछे छोड़ देती है क्योंकि वे कौन हैं या वे कहाँ रहते हैं। सभी के लिए एक बेहतर, अधिक टिकाऊ भविष्य का निर्माण करने का मतलब है कि कोई भी पीछे नहीं रह सकता है। 

साथियों बात अगर हम विश्व खाद्य दिवस पर कार्यक्रमों की करें तो, (1)यदि हम स्कूल का खाना खाते हैं? इन्हें कौन तैयार करता है और कैसे बनाता है? अपने स्कूल के रसोइयों से बात करें और उन्हें वीडियो और स्कूल के भोजन के अनुभवों के लिए विश्व खाद्य दिवस कॉल में शामिल होने के लिए कहें! (2) ऐसी दुनिया कैसी दिखती है जहाँ कोई पीछे न छूटे? क्या इसमें सभी के लिए स्वस्थ भोजन है? एक पोस्टर बनाकर और विश्व खाद्य दिवस पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लेकर संस्थान में दिखाएं। पोस्टर जमा करने की अंतिम तिथि 4 नवंबर 2022 है।(3) छात्रों ने समावेशिता और समानता के महत्व पर अधिक प्रतिबिंबित किया, सूचित किया जा रहा है, स्वस्थ भोजन विकल्पों के माध्यम से भोजन का सम्मान और भोजन की बर्बादी को कम करना, हमारे ग्रह की देखभाल, करुणा और बहुत कुछ। 

साथियों बात अगर हम भारत में बेहतर तरीके से विश्व खाद्य दिवस मनाने की करें तो, कुछ सुझाव हैं,भारत विविध संस्कृति और परंपरा का एक विशाल देश है। यह परंपरा अलग-अलग राज्य के हिसाब से भिन्न-भिन्न होती है और प्रत्येक राज्य में विभिन्न त्यौहारों को अलग-अलग शैलियों में मनाया जाता है लेकिन हर उत्सव में भोजन आम तत्व होता है। खाद्य पदार्थों की किस्मों को परिवारों और दोस्तों के बीच अनुष्ठानों के रूप में तैयार, खाया और वितरित किया जाता है। विवाह भारतीयों के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवसरों में से एक है जहाँ विभिन्न खाद्य पदार्थ तैयार किए जाते हैं और बचा हुआ खाना व्यर्थ हो जाता है।इस तरह के परिवारों को अतिरिक्त भोजन सुरक्षित रखना चाहिए और गरीबों और जरूरतमंद लोगों में इसे वितरित करना चाहिए। यह कदम बहुत अंतर उत्पन्न कर देगा क्योंकि कोई भूखा नहीं सोएगा और भोजन भी व्यर्थ नहीं रहेगा। निजी कंपनियां और सरकारी संगठन एक ऐसी योजना चला सकते हैं जहां उन कर्मचारियों के वेतन से कुछ प्रतिशत वेतन काट लिया जा सकेगा जो स्वैच्छिक रूप से खाद्य बैंक के लिए दान करना चाहते हैं और प्राकृतिक आपदाओं, विपत्तियों आदि के समय में इस इकट्ठा किए गए धन का उपयोग किया जा सकेगा। हर साल विश्व खाद्य दिवस 150 से अधिक देशों में मनाया जाता है। अतः अगर हम उपरोक्त पूरे विवरण का अध्ययन करउसका विश्लेषण करेंतो हम पाएंगेकि विश्वखाद्य दिवस 16अक्टूबर 2022 पर विशेष है।सभी के लिए भोजन। आओ खाद्य नायक बने, किसी को पीछे न छोड़ें। अंतरराष्ट्रीय स्तरपर भूख के खिलाफ एकजुट होकर रणनीतिक समाधान खोजना समय की मांग है।

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

क्लासिक :कहां से कहां जा सकती है जिंदगी| classic:where can life go from

June 17, 2023

क्लासिक:कहां से कहां जा सकती है जिंदगी जगजीत-चित्रा ऐसे लोग बहुत कम मिलेंगे, जिन्होंने विख्यात गजल गायक जगजीत-चित्रा का नाम

प्रश्नकाल भारतीय संसद का महत्वपूर्ण साधन

June 17, 2023

प्रश्नकाल भारतीय संसद का महत्वपूर्ण साधन प्रश्नकाल भारतीय संसद का महत्वपूर्ण साधन लोक सभा/राज्य सभा की प्रत्येक बैठक का पहला

सोशल मीडिया पर मौत को भी बनाते कमाई का जरिया- मानवता का हनन|

June 17, 2023

सोशल मीडिया पर मौत को भी बनाते कमाई का जरिया- मानवता का हनन सोशल मीडिया पर मौत को भी बनाते

पिता जिनके पास है उसकी बुलंद तकदीर खास हैपिता जिनके पास है उसकी बुलंद तकदीर खास है

June 17, 2023

पिता दिवस 18 जून 2023 के उपलक्ष में सभी बच्चों के सुपर हीरो उनके पिता है, बच्चों को प्रोत्साहित करने

बिपरजॉय जैसे चक्रवात बनाम मूक पशु पक्षी जानवरों की सुरक्षा, चिकित्सा सुनिश्चिता

June 17, 2023

बिपरजॉय जैसे चक्रवात बनाम मूक पशु पक्षी जानवरों की सुरक्षा, चिकित्सा सुनिश्चिता प्राकृतिक आपदाओं में मूक पशुओं की सुरक्षा, चिकित्सा

यूनिफॉर्म सिविल कोड का आगाज़ | introduction of uniform civil code

June 17, 2023

यूनिफॉर्म सिविल कोड का आगाज़ – कंसल्टेशन प्रक्रिया शुरू यूनिफॉर्म सिविल कोड का आगाज़ | introduction of uniform civil code

PreviousNext

Leave a Comment