Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें

 भावनानी के भाव आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें आओ खुशी से जीने की आस कायम रखें हम  …


 भावनानी के भाव

आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें

आओ ख़ुशी से जीने की आस कायम रखें

आओ खुशी से जीने की आस कायम रखें हम 
जिंदगी को खुशियों से जिए हम 
हर हाल में खुश रहने की आदत डालें हम 
खुशी की गरीबी भी अमीरी से नहीं है कम
जिस पल हमारी मृत्यु होती है 
हमारी पहचान बॉडी बन जाती है 
हमारे अपने भी बाडी लेकर आए क्या 
ऐसे शब्दों में पुकारते हैं 
जिन्हें प्रभावित करने हमने पूरी 
जिंदगी खर्च कर दी होती है 
वह भी हमें बॉडी के नाम से पुकारते हैं 
बाडी कहां है घरवालों से पूछते हैं 
इसलिए हम याद रखें हरदम खुश रहें 
क्योंकि मृत्यु जिंदगी का सबसे बड़ा लॉस नहीं है 
क्यों जिंदा होकर भी हमारे मन में 
जीने की आस खत्म हो चुकी है 
जो पल जिंदगी के हमें हैं उसमें खुशी 
से जीने को जिंदगी कहते हैं 
हर पल का इंजॉय कर ख़ुश रहें हम 
मृत्यु के पल में बॉडी पहचान बन जाएंगे हम 

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 


Related Posts

उलझे-बिखरे सब”- अनीता शर्मा

December 8, 2021

उलझे-बिखरे सब” कितने उलझे-उलझे हुए सब , कितने बिखरे-बिखरे हुए सब। बनावटी दुनिया में उलझे हुए सब, दिखावटी सब सज-धज

चल चला चल राही तू-डॉ माध्वी बोरसे!

December 4, 2021

चल चला चल राही तू! चल चला चल राही तू, मुसाफिर तू कभी रुकना ना,रुकना ना, कभी झुकना ना,तेरेते रह

ऐ उम्मीद -सिद्धार्थ गोरखपुरी

December 3, 2021

ऐ उम्मीद ऐ उम्मीद! मैं तुमसे छुटकारा चाहता हूँ। क्योंकि मैं खुश रहना ढेर सारा चाहता हूँ।तुम न होती तो

बेमानी- जयश्री बिरमी

December 3, 2021

बेमानी उम्रभर देखी हैं ये दुनियां की रस्मेंन ही रवायतें हैं निभाने की कसमेंजब भूले गए थे वादे और तोड़ी

“टुकड़े- टुकड़े में बिखरी मेरी धरा अनमोल”-हेमलता दाहिया.

December 3, 2021

“टुकड़े- टुकड़े में बिखरी मेरी धरा अनमोल” बात बात में शामिल हैं,जाति धर्म के बोल.खोखले वादे खोल रहे हैं,हैं विकास

ना लीजिए उधार-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

ना लीजिए उधार! ना लीजिए उधार, बन जाओ खुद्दार,लाए अपनी दिनचर्या में, थोड़ा सा सुधार, अपने कार्य के प्रति, हो

Leave a Comment