Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, sneha Singh

‘आई लव यू’ इन तीन अंग्रेजी के शब्दों का ग्रामर समझने में अभी भी गलती होती है

‘आई लव यू’ इन तीन अंग्रेजी के शब्दों का ग्रामर समझने में अभी भी गलती होती है’ कोई चीज किसी …


‘आई लव यू’ इन तीन अंग्रेजी के शब्दों का ग्रामर समझने में अभी भी गलती होती है’

आई लव यू' इन तीन अंग्रेजी के शब्दों का ग्रामर समझने में अभी भी गलती होती है

कोई चीज किसी को अच्छी लग जाए तो इसका मतलब यह नहीं होता अंकि पूरी जिंदगी वह उसे अच्छी लगती रहेगी। किसी को किसी चीज की अभी जरूरत है तो पूरी जिंदगी उसे उस चीज की पूरी जिंदगी जरूरत पड़ती रहेगी, यह भी नहीं माना जा सकता। संयोग बदलते हैं, जरूरतें बदलती हैं और मानसिकता बदलती है, जमाना बदलता है, सब कुछ बदलता रहता है। लोगों की गरज बदलती है, लाइफस्टाइल बदलती है, दुनिया का ट्रेंड बदलता है, समाज की धारणा बदलती है। यह मान लिया गया है कि द चेंज इज कोंस्टंट यानी परिवर्तन होते ही रहना है।
फिर भी एक मामले में लोग फंस जाते हैं। किसी को किसी ने ‘आई लव यू’ कह दिया तो इसका मतलब यह नहीं कि उसने उसे हमेशा के लिए कमिटमेंट दे दिया। अब वह उससे पीछे नहीं हट सकता। और अगर वह उससे पीछे हट गया तो इसका मतलब यह हुआ कि वह विश्वासघाती है। वचन दे कर बदल गया।
किसी ने किसी को ‘आई लव यू’ कह दिया तो यह मान लिया गया कि बात परमानेंट हो गई। इतना ही नहीं, अब उस संबंध पर उसकी मोनोपोली हो गई।
यहीं पर हिंदुस्तान मार खाता है। हिंदुस्तान ही नहीं, पूरी दुनिया मार खाती है। ‘आई लव यू’ का मतलब होता है ‘मैं तुम्हें चाहता हूं’ अथवा ‘मैं तुम्हें प्यार करता हूं।’ ‘आई लव यू’ का मतलब यह नहीं होता कि आई विल कांटिन्यु टू लव यू। मैं भविष्य में भी तुम्हें चाहूंगा, प्रेम करूंगा यह मतलब नहीं होता। शब्द सीधे-सादे और स्पष्ट हैं। ‘आई लव यू’ को हमने घुमाफिरा दिया, जिससे इसे समझने में गलती कर बैठते हैं। आई लव यू का मतलब है मैं तुम्हें अभी, इस समय चाहता हूं। और इसका गर्भित अर्थ यह है कि आने वाले कल को या उसके बाद भी तुम्हें चाहूंगा, यह जरूरी नहीं है। ऐसा कोई कमिटमेंट भी इन शब्दों में नहीं है।
अंग्रेजी का व्याकरण सरल है। आई लव यू यानी आई लव यू। आई विल लव यू फार एवर-यह पूरा अलग वाक्य है। आई लव यू के साथ इसकी मिलावट नहीं की जा सकती। जो व्यक्ति किसी से आई लव यू कहता है, वह इस बात का उससे वादा नहीं करता कि वह केवल उसे ही चाहता है। ऐसा होता तो वह यह कहता कि ‘आई लव यू, एंड नोबडी एल्स।’
इतना ही नहीं, आई लव यू कहा जाता है, तब प्यार या चाहत की ही बात होती है। मदद, विश्वास या देखभाल की बात नहीं होती या फिर तुम्हारे लिए कमाऊंगा या तुम्हारे लिए रोजाना खाना बनाऊंगा, इस तरह का भी कमिटमेंट आई लव यू में नहीं होता। पर लोग उतावल में इस तरह के कमजोर इन तीन शब्दों के करारनामे में जोड़ देते हैं।
प्यार, आत्मीयता या फिर इवन फिजिकल। निकटता के किसी उत्कट क्षणों में आई लव यू कहा जाता है, तब इन पवित्र शब्दों के ऊपर बाकी के सभी लाद कर भविष्य में दुखी होने की जरूरत नहीं है। जिन क्षणों में ये तीन शब्द कहे जाते हैं, उन क्षणों को वर्तमान में पाना हो, उन्हें खींच कर भविष्य तक लाने की जरूरत नहीं। आई लव यू में ऐसी कोई बात नहीं है।
ऐसी तमाम बातें हैं, जो मन में इतनी दृढ़ता से बैठ जाती हैं कि हम उसके ऊपर से धूल हटा कर, उन्हें मांज-धो कर चमकाने में आलस्य करते हैं। आई लव यू भी एक ऐसी ही बात है। इन तीन शब्दों को कहने यानी पूरी जिंदगी के लिए कमिटमेंट करना यह मान कर कोई व्यक्ति बहुत अच्छा लगता है, तो भी उसे आई लव यू कहने में हिचकते हैं कि कहीं वह यह न मान ले कि उसे प्रपोज किया जा रहा है और पूरी जिंदगी साथ रहने के लिए कहा जा रहा है।
किसी व्यक्ति के निकटतम पलों में भी दूसरा बहुत कहें, पर आई लव यू न कहें, क्योंकि ऐसा कह दिया तो वह व्यक्ति पूरी जिंदगी के लिए उसके गले पड़ जाएगा। इस बात का हर किसी को डर लगता है। आप उस व्यक्ति के साथ हमेना के लिए बंध रहे हैं, यह मान लेते हैं।

About author

Sneha Singh
स्नेहा सिंह

जेड-436ए, सेक्टर-12
नोएडा-201301 (उ.प्र.)


Related Posts

किस दिशा में जा रहे है हम

May 18, 2022

“किस दिशा में जा रहे है हम” “नहीं देखी ज़हर की नदियाँ कहीं, पर आज हर इंसान की वाणी से

विश्व हाइपर टेंशन दिवस को क्यूँ न जश्न दिन के तौर पर मनाएं

May 17, 2022

“विश्व हाइपर टेंशन दिवस को क्यूँ न जश्न दिन के तौर पर मनाएं” “क्यूँ इतना सोचता है हर बात पर

वक्त कभी किसी का सगा नहीं!!

May 17, 2022

वक्त कभी किसी का सगा नहीं! वक्त का पहिया कैसे करवट बदल लेता है – हम खुद अपने पुराने और

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 18 मई 2022 पर विशेष

May 17, 2022

अंतर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस 18 मई 2022 पर विशेष संग्रहालय की शक्ति – सांस्कृतिक आदान-प्रदान, संस्कृतियों के संवर्धन, आपसी समझ सहयोग

अगर जीतना स्वयं को, बन सौरभ तू बुद्ध

May 15, 2022

 अगर जीतना स्वयं को, बन सौरभ तू बुद्ध !! (बुद्ध का अभ्यास कहता है चरम तरीकों से बचें और तर्कसंगतता

ताजमहल या तेजोमहल

May 14, 2022

 “ताजमहल या तेजोमहल” इतने सालों बाद इस विवाद को जन्म देने का कारण समझ में नहीं आ रहा। ये कोई

Leave a Comment