Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

आंसू छलके- डॉ हरे कृष्ण मिश्र

आंसू छलके आंसू भरकर स्वागत करना, बहुत पुरानी परंपरा अपनी,इंतजार लंबी जब होती है ,मन के आंसू छलक आते हैं,।। …


आंसू छलके

आंसू छलके- डॉ हरे कृष्ण मिश्र
आंसू भरकर स्वागत करना,

बहुत पुरानी परंपरा अपनी,
इंतजार लंबी जब होती है ,
मन के आंसू छलक आते हैं,।।

गले लिपटते, आंसू बहते,
कुशल छेम आसूं में पूछते,
याद हमारी क्यों नहीं आई,
बीते कैसे समय तुम्हारे ??

प्रेम में पीड़ा ही होती है,
खुशी के आंसू आ जाते हैं,
बहती नदियां दूर किनारा,
अपना सा कोई दिखता है ।।

वेखुदी में मिला न कोई,
सूना सूना सा लगता है,
है तुम्हीं से प्यार इतना,
मन हमारा जानता है ,।।

आज किनारे सागर तट पर
लहरों को गिनता आया हूं ,
इन आते जाते हर लहरों में ,
साया तेरी मिल जाती है ।।

दमन की धरा धरती पर,
इकला इकला आया हूं,
मैं बच्चों बीच आया हूं
बिना तेरे अधूरा सब ।

जनम जनम के रिश्ते मेरे,
कैसे बिखर गए हैं सपने,
खोया जीवन के हर क्षण ,
पास नहीं तुझको पाकर ।।

स्मृतियां टूटती गई हमारी,
क्या खोया है ध्यान नहीं,
जो भी पाया मैंने तुमसे
बची स्मृतियां शेष कहा ?

जिंदगी पर भरोसा था,
भरोसे पर कमी आई,
तुम्हारी कमी यहीं आई,
बता किसको क्या बोलूं ।

कैसी हमारी बेचैनी ,
कितना दूर जीवन है ,
बचा है पास क्या मेरे,
लक्ष्य दिखता है नहीं ।।

चलना अकेला है कठिन,
गंतव्य मेरा गौण है,
कैसी विवशता आज है,
उलझ गई है जिंदगी ।।
मौलिक रचना

डॉ हरे कृष्ण मिश्र
बोकारो स्टील सिटी
झारखंड।


Related Posts

स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है

March 5, 2023

भावनानी के भाव  स्थानीय भाषाओं में नवाचार कार्यक्रम चलाया है नवाचार में तीव्र विकास करने समृद्ध करने भाषाई अड़चनों को

हे राम!! | Hey ram

March 5, 2023

हे राम!! राम तुम क्यूं ना बन सके प्रैक्टिकल,कि जब मेघनाद का तीर लगा लखन को,क्यों तुमने द्रवित किया था

द्वारिका में बस जाओ

March 5, 2023

 द्वारिका में बस जाओ वृंदावन में मत भटको राधा, बंसी सुनने तुम आ जाओ । कान्हा पर ना इल्जाम लगे,

सब्र। सब्र पर कविता| kavita -sabra

March 5, 2023

 सब्र। जब आंखें नम हो जाती है, जब आत्मा सहम जाती है, उम्मीद जिंदा नहीं रहती, जिंदगी गम से भर

मेरी दादी माँ| meri dadi maa

March 5, 2023

 मेरी दादी माँ आज की शाम मेरी दादी के नाम कर रहे सब आज तुम्हारी बातें इकट्ठा हो घर के

नम्रता का आभूषण धारण करना होगा

March 4, 2023

 भावनानी के भाव नम्रता का आभूषण धारण करना होगा अपना जीवन सुखी बनाना है तो  अटके काम बनाना है तो 

PreviousNext

Leave a Comment