अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ?
सोचो आगे क्या करना है ?
सोचो कैसे आगे बढ़ना है ?
सोचो क्या खोया हमने ?
सोचो क्या पाना है ?
About author
पवन कुमार शर्मा
कवि कौटिल्य
अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ? सोचो आगे क्या करना है ?सोचो कैसे आगे बढ़ना है ?सोचो क्या …
September 30, 2021
उम्र भर रोटियाँ सेंकी…!!! उम्र भर रोटियाँ सेंकी हमनें , हाथ जले तो असावधानी हमारी है। लॉट के लॉट बर्तन
September 30, 2021
इंसान त्याग सकता है जब देखता हूं मैं किसी स्वर्ण को अपने दलित ‘बॉस’ या फिर दलित सहयोगी के साथ
September 30, 2021
शिप्रा के किनारे महाकाल के प्रांगण में जब , हम दोनों चलकर आए थे , दर्शन पूजन कर शिव का
September 30, 2021
मुक्तिधाम प्रीत की रीत निभाने को दो गीत मिले गाते गाते, एक प्यार तुम्हारे पाने का, दूजे दर्द भरे एहसासों
September 30, 2021
माँ मुझे ना मार माँ, मैं भी कुल का मान बढाऊँगी । माँ ,मैं भी रिश्तों के बाग सजाऊंगी।। माँ,मुझे
September 29, 2021
बेटियाँ बिटिया से घर संसार है, रौनक घर परिवार है। सबके बीच की अहम् कड़ी। प्यार और विश्वास की मूरत