Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Pawan Kumar Sharma, poem

अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ?

अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ? सोचो आगे क्या करना है ?सोचो कैसे आगे बढ़ना है ?सोचो क्या …


अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ?

अलविदा 2022 |सोचो आगे क्या करना है ?

सोचो आगे क्या करना है ?
सोचो कैसे आगे बढ़ना है ?
सोचो क्या खोया हमने ?
सोचो क्या पाना है ?

जीवन तो है चलने का नाम 
बस चलते ही जाना है ।
कर्तव्य पथ हो प्रखर हमारा , 
सुदृढ़ , समृद्ध और खुशहाल हो 
आने वाला साल हमारा ।।

About author 

पवन कुमार शर्मा
कवि कौटिल्य


Related Posts

Bas ek sawal by Jitendra Kabir

October 12, 2021

 बस एक सवाल वैसे तो इस देश में काफी खराब हैं सड़कों के हालात, खराब सड़कों के कारण  होती हैं

Hamne kab kaha by vijay Lakshmi Pandey

October 12, 2021

 हमनें कब कहा….??? हमनें   कब   कहा…? ये हड्डियां कमज़ोर  हो गई । लोगों   नें    बताया   , हड्डियां बूढ़ी हो

Vishwa Dak Divas per Vishesh by Sudhir Srivastava

October 12, 2021

 विश्व डाक दिवस पर विशेष खतों की यादें अचानक एक दिन पुराने खत दिखे तो बीते दिनों की याद ताजा

Suturmurgi pravitti by Jitendra Kabir

October 8, 2021

 शुतुरमुर्गी प्रवृत्ति अगर तुम कहते हो कि ‘साहित्य रचना’ को मुक्त रखा जाए सर्वथा वर्तमान ‘सामाजिक-राजनैतिक सरोकारों’ से, सत्ता के

Man ki bat by Anita Sharma

October 7, 2021

 “मन की बात” मन की बातें मन में ही रखती है नारी। बाहर निकल शब्द भूचाल बचाये। कब सोचा था

Hal-a-dil by Mahesh Ojha

October 7, 2021

 हाल-ए-दिल हाल अपना सुनाएं हम कैसे उन्हें, वो तो ग़ैरों की महफ़िल में रमे जा रहे। एक नज़र भी ना

Leave a Comment