Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

अब कहां मरने पर शोक

अब कहां मरने पर शोक अपनों कि मौत का अब कहां लोग पहले सा शोक मनातेतेरहवी तक भी रूक ना …


अब कहां मरने पर शोक

अब कहां मरने पर शोक
अपनों कि मौत का अब कहां

लोग पहले सा शोक मनाते
तेरहवी तक भी रूक ना पाते
प्रतिष्ठान बंद किये शोक मे दो दिन
ये भी नुकसान हुआ दो दिन आय
का , यह कह जतलाते।।

अपनों कि मौत का अब कहां
लोग पहले सा शोक मनाते।।2।।

होते दो दिन ही की सिर मुंडवाई
रस्म निभा दर्द ए जज्बात बताते
अंदर से तड़प रहे , शोक बंधन से
बस जल्द से जल्द मिलना चाहते
दिखावा सिर्फ दुख का कर जाते
हुई रस्म कि तुरंत काम पर जाते।।

अपनों कि मौत का अब कहां
लोग पहले सा शोक मनाते।।2।।

देखो रिश्तों के बंधन खोखले बताते
छल अपनों को ही पापी पाप कमाते
खाता लिख रहा भग्वान आज सबका
सुनो पाप , पुण्य इसी धरा पर सब पाते
देखो मरने वाले तुम्हें बहुत थे चाहते
किसी के जनक तो किसी के सगै
भाई बहन इस दुनिया से हैं जाते
फर्क ना पड़े उनको जो मतलब से
रिश्ते सिर्फ निभाते ।।2।।

अपनों कि मौत का अब कहां
लोग पहले सा शोक मनाते।।2।।

About author 

Veena advani

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर , महाराष्ट्र

दर्द – ए शायरा


Related Posts

Kavita :आत्मायें मरा नहीं करती

November 10, 2023

आत्मायें मरा नहीं करती आत्मायें मरा नहीं करतीमैंने बचपन में सुना थाकिसी नायाब मुख से वे जिंदा रहती हैंअपने खेतों-

प्रेम इंतज़ार कर रहा है | kavita prem intezar kar raha hai

November 10, 2023

कविता : प्रेम इंतज़ार कर रहा है सुनो दिकु…दिल के दर्द की पीड़ा अब नहीं सही जा रहीमेरे होंठों पर

गुमशुदा जरा लिख तहरीर मेरी

November 10, 2023

गुमशुदा जरा लिख तहरीर मेरी ऐ थाना – ए – गुमशुदा जरा लिख तहरीर मेरीखो गया हैं सुकून और अच्छी

कविता –करवा चौथ

October 31, 2023

 करवा चौथ सुनो दिकु…..अपना सर्वस्व मैंने तुम्हें सौंप दिया हैतुम्हारे लिए मैंने करवा चौथ व्रत किया है तुम व्रत करती

कविता –मैं और मेरा आकाश

October 30, 2023

मैं और मेरा आकाश मेरा आकाश मुझमें समाहितजैसे मैप की कोई तस्वीरआँखों का आईना बन जाती हैआकाश की सारी हलचलजिंदगी

कविता – चुप है मेरा एहसास

October 30, 2023

चुप है मेरा एहसास चुप है मेरा हर एहसासक्यों किया किसी ने विश्वासघात?हो गया मेरा हर लफ्ज़ खामोशआज मेरा हर

PreviousNext

Leave a Comment