Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

अपनी व्यथा किसे सुनाएं

अपनी व्यथा किसे सुनाएं अपनी व्यथा किसे सुनाऊं बात समझ ना आई दुखों का पहाड़ टूटा घर में वीरानी छाई …


अपनी व्यथा किसे सुनाएं

अपनी व्यथा किसे सुनाएं

अपनी व्यथा किसे सुनाऊं बात समझ ना आई
दुखों का पहाड़ टूटा घर में वीरानी छाई
ऊपर वाले ने बहुत जल्दबाजी दिखाई
मैं कैसे जी पाऊंगा उसे दी थी दुहाई

माता पिता बहन की यादें गहराई
दिल दिमाग जीवन में अंधयारी छाई
माता पिता बहन से बीते पलों की याद सताई
ऊपर चले गए मेरी आंखें ढूंढ ना पाई

देखा उनके रूम को तो आंखें भर आई
बेड वैसे ही हैं पर उन पर वीरानी छाई
कैसे झटकूं बेडशीट को सिलवट भी ना आई
अपनी व्यथा किसे सुनाऊं बात समझ में ना आई

माता पिता बहन बिना जीवन जीने की
कला किसी ने भी नहीं सिखाई
दुखी परेशान गम में डूबा हूं भाई
दुआ करो मेरे लिए यही है मेरी दुहाई

लेखक- कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, कानून लेखक, 

चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

मतदाताओं ने पारदर्शी राजनीति पर मोहर लगाई!!!

March 25, 2022

मतदाताओं ने पारदर्शी राजनीति पर मोहर लगाई!!! उम्मीदवारों के साथ उनके नेतृत्व चेहरे की घोषणा मतदाताओं को प्रभावित करने में

आओ होली पर्व उत्सव से प्रेरणा लें!!

March 25, 2022

आओ होली पर्व उत्सव से प्रेरणा लें!! होलिका दहन के साथ हम अपनी नकारात्मकता और बुराइयों का दहन कर भाईचारे

बुजुर्गों की सेवा का फ़ल

March 25, 2022

बुजुर्गों की सेवा का फ़ल जब कोई बुजुर्ग निशब्द तुम्हारे झुके सिर पर अपनी कंपकंपाती उंगलियां फिरादे, समझो वरदान ख़ुशी

सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध सटीक वैचारिक क्रांति लाना होगा!!!

March 25, 2022

सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध सटीक वैचारिक क्रांति लाना होगा!!! युवाओं को हिंसा प्रवृत्ति,नशीले पदार्थों की लत जैसी विभिन्न सामाजिक बुराइयों

क्या मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ मिशन 2024 का रणनीतिक रोडमैप भी ?

March 25, 2022

क्या मंत्रिमंडल गठन में सुशासन के साथ मिशन 2024 का रणनीतिक रोडमैप भी ? पांच राज्यों के मंत्रिमंडल गठन में

लोकतांत्रिक दृष्टि से नेतृत्व का अर्थ

March 25, 2022

लोकतांत्रिक दृष्टि से नेतृत्व का अर्थ नेतृत्व का उद्देश्य लोगों को सही रास्ता बताना है हुकूमत करना नहीं वर्तमान परिपेक्ष

Leave a Comment