Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veena_advani

अनगिनत नाम दे कर

अनगिनत नाम दे कर मेरे दिल की धड़कनें धड़क कुछ कहती,मेरी सांसें थम-थम चलती ही रहती।गौर से सुना अपनी सॉंसों, …


अनगिनत नाम दे कर

अनगिनत नाम दे कर

मेरे दिल की धड़कनें धड़क कुछ कहती,
मेरी सांसें थम-थम चलती ही रहती।
गौर से सुना अपनी सॉंसों, धड़कनों को,
ये हवा संग तेरा नाम ले मतवाली हो बहती।।

तेरे नाम के मोती जोड़-जोड़ बनी जो माला,
उसी नाम माला को सिमर मैं खुश होती।।
सुकून पाई तब, जब ली तेरा नाम सॉंसें मेरी,
कलम चला दिल की बात, तुझे मैं कहती।।

जब चाहती बयां करती सब तेरे सम्मुख मैं,
तू ही मेरी हर सॉंसों का कहदार मैं ये कहती ।
जुंबा पर तेरा नाम, दिल मे तेरे लिए चाहत,
अंखियों में बसाए मैं सिर्फ तेरी सूरत रहती ।।

नाम तेरे अपनी मोहब्बत में इतने रखें हमने,
कभी सॉंवरिया, मोहन, तो गिरधारी कहती।
कोई समझे नहीं हमारी मोहब्ब्त-ए दिवानगी,
देखूं ना जब कभी तुझे मैं, मेरी आंखें बहती।।

मेरी-तेरी मोहब्बत कि प्रेम कहानी ओ कान्हा
भक्ति संग दिल मे सजा बसाए मैं रहती।।

About author 

वीना आडवाणी तन्वी नागपुर, महाराष्ट्र

वीना आडवाणी तन्वी
नागपुर, महाराष्ट्र


Related Posts

“श्रृंगार रस”

June 22, 2022

 “श्रृंगार रस” वो लम्हा किसी नाज़नीन के शृंगार सा बेइन्तहाँ आकर्षक होता है, जब कोई सनम अपने महबूब की बाँहों

खालसा-हरविंदर सिंह ”ग़ुलाम”’

June 5, 2022

 खालसा अंतर्मन में नाद उठा है  कैसा ये विस्माद उठा है  हिरण्य कश्यप के घर देखो  हरी भक्त प्रह्लाद उठा

साहित्यकार महान

June 4, 2022

 साहित्यकार महान शब्दों के महाजाल का चक्रव्यूह बड़ा जंजाल इसमें उलझ सुलझ बने तीखे शब्द विकार लेखक है रोक ना

मदर अर्थ, पृथ्वी!

June 4, 2022

 मदर अर्थ, पृथ्वी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह,जहां जीव जंतु का जीवन है संभव,निवास करती है मुझ में

शिकायतें ना करें!

June 4, 2022

 शिकायतें ना करें! क्यों करें किसी से शिकायत, क्या स्वयं हे हम इसके लायक, खुद को आईने मैं झांके तो,

संपूर्ण निष्ठा!

June 4, 2022

 संपूर्ण निष्ठा! बुरा वक्त दर्द दे जाता है, अच्छे वक्त की उम्मीद भी लाता है, दोनों का एहसास भी जरूरी

PreviousNext

Leave a Comment