Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Nandini_laheja, poem

अधूरे ख़्वाब-नंदिनी लहेजा

अधूरे ख़्वाब मन की अनेकों हसरतों को, इक सांचे में जो ढाले।नयनों में समाते है वो,बन ख़्वाब बड़े ही प्यारे।लक्ष …


अधूरे ख़्वाब

अधूरे ख़्वाब-नंदिनी लहेजा
मन की अनेकों हसरतों को,

इक सांचे में जो ढाले।
नयनों में समाते है वो,
बन ख़्वाब बड़े ही प्यारे।
लक्ष है बन जाता जीवन का,
ख्वाबों को पूरा करना।
लगे रहते हम न ठहरते,
हमें तो बस ख्वाबों को,
यथार्थ में लाना।
पर फिर भी जीवन के कुछ,
रह जाते ख़्वाब अधूरे।
चाहते है सच हो जाएँ,
पर कर नहीं पाते पूरे।
इक निराशा सी मन में,
फिर घर कर जाती हैं।
अधूरे ख्वाब लिए जिंदगी,
नीरस हो जाती हैं।
पर नीरसता के भाव से,
जीवन तेरा बोझिल हो जाएगा।
अधूरे ख्वाबों को पूरा करने का,
फिर जज़्बा कहाँ से लाएगा।
रख विश्वास स्वयं पर बन्दे,
और कर्म तू कर।
अधूरे ख़्वाब हो सकते पूरे ,
तू कोशिश तो कर।

नंदिनी लहेजा
रायपुर(छत्तीसगढ़)
स्वरचित मौलिक अप्रकाशित



Related Posts

हार कविता -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

हार! बेहतर होने का अनुभव देती हैं,यह तो सीरीफ एक परिस्थिति है,सफलता का सबसे बड़ा रास्ता होती है,कुछ देर की

21 वीं सदी की नारी-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

21 वीं सदी की नारी! उठाओ कलम, पुस्तक व लैपटॉपकरो परीक्षा की तैयारी,कुछ तुम उठाओ,कुछ परिवार में बाटोअपने घर की

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन -डॉ. माध्वी बोरसे!

December 3, 2021

सोच में लाए थोड़ा परिवर्तन ! कोई कोई तहजीब, सलीका, अदब नहीं खोता,सर झुकाता हुआ हर शख्स बेचारा नहीं होता!

मिट्टी का कर्ज- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 मिट्टी का कर्ज खूबसूरत है नजारालग रहा है प्यारा इस मिट्टी का कर्ज हैचुकाना हमारा फर्ज  है प्यारे गगन हमें

साहिल- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

 साहिल ओ मेरे मन के मीत दिल लिया क्यों जीत निश्छल है मेरी प्रीत रेजीवन की है ये रीत सदा

आह्वान- डॉ.इन्दु कुमारी

December 3, 2021

आह्वान मद्यपान निषेध मेरे देश के नौजवानोंतू है मौजों की रवानीहै भारत माँ के लाल वेशकीमती तेरी जवानीमद्यपान नहीं जिन्दगानीबीड़ी

Leave a Comment