Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Mohit Tripathi, poem

अदृश्य प्रलय

अदृश्य प्रलय चल रहा एक अदृश्य प्रलयजो न जग को दृष्टिमान होता,सब सजग मधु रागिनी मेंसुप्त होता लुप्त होता।तड़ित ने …


अदृश्य प्रलय

अदृश्य  प्रलय
चल रहा एक अदृश्य प्रलय
जो न जग को दृष्टिमान होता,
सब सजग मधु रागिनी में
सुप्त होता लुप्त होता।
तड़ित ने भी ठान लिया
अब न कोई पात होगा,
जब पुरुष का प्रकृति संग
फिर नया मधुमास होगा।
वात का भी यही निर्णय
न चलूँगा साथ मैं अब,
झूठी है बयार मलय की
ध्यान व आभान है क्या।
अंतरिक्ष की शांति के
मुदित मन की कांति के,
बीज का अंकुरण अवरुद्ध है
कदाचित संजीवनी क्षुब्ध है।

About author

मोहित त्रिपाठी
संक्षिप्त परिचय: कवि, लेखक, शिक्षक एवं समाजसेवी इंजी. मोहित त्रिपाठी। 27 फरवरी 1995 को वाराणसी में जन्म। बी.टेक एवं एम. टेक. की उपाधि प्राप्त की। मोहित त्रिपाठी वाराणसी में एक शिक्षण एवं समाज सेवी संस्था विज़डम इंस्टिट्यूट ऑफ़ एक्सीलेंस के संस्थापक और निदेशक हैं मोहित अध्ययन-अध्यापन के साथ साहित्यिक एवं सम-सामयिक लेखन में भी सक्रिय हैं। हिंदी साहित्य में गहरी रूचि। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में 100 से अधिक रचनाएँ प्रकाशित। सम्प्रति: वाराणसी में निवास। कई अंतरराष्ट्रीय शोध-पत्र प्रकाशित। अनेक संस्थाओं एवं संगठनों से जुड़े रहे हैं।
 संपर्क सूत्र–mohittripathivashisth27@gmail.com
पता: सरोज भवन डी 36/123 अगस्त्यकुंड, दशाश्वमेध, वाराणसी, उत्तर प्रदेश-221001

Related Posts

Ab aur na aise satao sanam

February 14, 2021

poem जब से तुझ से  जुड़ा  फूल सा खिल  गया  सूखे  मधुबन में जैसे   कँवल   खिल  गया अकेले  पन  में 

Achhe din

February 8, 2021

 कविताअच्छे दिन बात    महिलाओं      की   सुरक्षा     का       हो या           कुपोषित 

Sach pagli hme tumhi se pyar hai

February 8, 2021

 कविता जब देखता हूं जिधर  देखता हूं  दिख  जाती  हो मोटे मोटे किताबों के काले काले शब्दों में दिख जाती

Har vade par asha kiya na kro

February 8, 2021

 ग़ज़ल हर   वादे   पर   आशा   किया   ना   करो पराधीन    होकर     जिया      ना     करो लगी है

Peele Peele phoolon me ab jakar gungunana hai

February 8, 2021

 ग़ज़ल पीले पीले फूलों में अब जाकर गुनगुनाना हैरोने वाले को हंसाना है सोने वाले को जगाना है समय के

Zindagi me mere aana tera

February 6, 2021

 ग़ज़ल  ज़िन्दगी में मेरे आना तेरा प्यार हर पल मेरा, निभाना तेरा भूल जाऊं मैं कैसे तुझको सनम प्यार गंगा

Leave a Comment