Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, lekh

अटकेगा सो भटकेगा।

अटकेगा सो भटकेगा। अटकेगा सो भटकेगा,अगर कार्य से पहले अत्यधिक सोचेगा,दुविधा में जो तू पड़ेगा,अधूरा कार्य तेरा हमेशा रहेगा। बहुत …


अटकेगा सो भटकेगा।

अटकेगा सो भटकेगा,
अगर कार्य से पहले अत्यधिक सोचेगा,
दुविधा में जो तू पड़ेगा,
अधूरा कार्य तेरा हमेशा रहेगा।

बहुत लोकप्रिय कहावत है, अटकेगा सो भटकेगा! अक्सर मनुष्य, ज्यादा चाह की वजह से, या तो भरोसेमंद ना होने की वजह से दुविधा में रहता है और यह नकारात्मक प्रभावों से जुड़ा हुआ है, जिसके कारण “सामाजिक कार्यकर्ताओं का बर्नआउट, प्रतिबद्धता की कमी, वेतन, सहकर्मियों और पर्यवेक्षकों के साथ कम संतुष्टि, खराब प्रदर्शन और कई अनुभवजन्य अध्ययनों में नौकरी का तनाव” होता है।

सही समय पर सही परिणाम न मिल पाना। अपर्याप्त कौशल के माध्यम से उस इनपुट को समझने में असफल होना। यह समझने में असफल होना कि अतीत में काम करने वाली कोई चीज अब काम नहीं करेगी। यह जानने में असफल होना कि बिना सभी सही जानकारी के निर्णय कब लेना है और कब अधिक सलाह की प्रतीक्षा करनी है। हमें इन सब के बारे में जानकारी लेनी चाहिए और कौशल होना चाहिए!
किसी कार्य के बारे में जानकारी ना होना और उसमें कौशल ना होना हमारे जीवन में दुविधाओं का पहाड़ खड़ा कर देता है! अक्सर ज्यादा दुविधा और सोच में पड़ने के कारण, कार्य हमेशा अधूरा ही रह जाता है इससे हमें हमारी लक्ष्य की प्राप्ति नहीं होती है!

भ्रमित महसूस करना निराशाजनक और असहज हो सकता है, जिससे अक्सर लोग हार मान लेना चाहते हैं, दूर हो जाते हैं, और अंततः, ध्यान खो देते हैं। जबकि, जब आप नई चीजें सीख रहे होते हैं तो भ्रम होना तय है, ऐसे कई तरकीबें हैं जिनका उपयोग अपने भ्रम को दूर करने और भविष्य में भ्रम को रोकने में मदद के लिए कर सकते हैं।

ऐसी जगह बैठें जहां कोई अशांति न हो।
हर भ्रम को कागज पर उतारो। अपने डर को भी लिखें। एक बार जब विचार कागज पर आ जाएंगे तो वे आपको परेशान करना कम कर देंगे।

दिशाओं, प्रक्रियाओं और अपेक्षाओं को स्पष्ट रूप से संप्रेषित करें।

मिश्रित संदेश देने से बचें।

समय सीमा तय करें ।

संगठन के मिशन के साथ सभी गतिविधियों को संरेखित करें।

हमेशा ऐसे वक्त पर गहरी सांस लें और थोड़ा धीरज रखे।

यदि आप वास्तव में भ्रमित हैं, तो आपको केवल “मुझे नहीं पता” कहने से कभी नहीं डरना चाहिए, खासकर यदि आपसे इस समय होने वाली हर चीज को समझने की उम्मीद की जाती है। बस सुनिश्चित करें कि आप उस बारे में विशिष्ट हैं जिस पर आपको स्पष्टीकरण की आवश्यकता है।

अगर हम इन सब निम्न बातों का ध्यान रखें, तो हम दुविधा में नहीं पड़ेंगे, जो कार्य आसानी से हो सकते हैं, उनके बारे में अत्यधिक ना सोचे वरना वह कार्य रह जाएगा! कभी-कभी आपने दो दोस्तों को देखा होगा, एक है जो सोचता ही रह जाता है, दुविधा में जीता है और एक वही समान वक्त में वह कार्य करके अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर लेता है! तो चलिए आज ही से प्रण लेते हैं, किसी भी नेक कार्य को करने से पहले बहुत ज्यादा ना सोचेंगे और दुविधा मुक्त होने की कोशिश करेंगे कि हम भी सही समय पर वक्त रहते अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर ले!

अटकना ना तू भटकना ना,
वक्त का महत्व तू जरूर समझना,
कार्य तू करते रहना,
दुविधा में ज्यादा उलझना ना।

About author

                                         अटकेगा सो भटकेगा।

डॉ. माध्वी बोरसे
विकासवादी लेखिका

राजस्थान! (रावतभाटा)

Related Posts

पीयूष गोयल ने लिखी दर्पण छवि में हाथ से लिखी १७ पुस्तकें |

May 30, 2023

पीयूष गोयल ने लिखी दर्पण छवि में हाथ से लिखी १७ पुस्तकें |17 hand written books written by Piyush Goyal

नया संसद भवन राष्ट्र को समर्पित |

May 30, 2023

नया संसद भवन राष्ट्र को समर्पित भारत दुनियां का सबसे बड़ा तो अमेरिका सबसे पुराना लोकतंत्र है  पूरी दुनियां भारत

सराहना बनाम अहंकार रूपी अदृश्य विष

May 28, 2023

सराहना बनाम अहंकार रूपी अदृश्य विष  आओ सराहना प्रशंसा और तारीफ़ में अहंकार रूपी अदृश्य विष को आने से रोकें

भारत कौशलता, कुशल बौद्धिक क्षमता का धनी

May 28, 2023

भारत कौशलता, कुशल बौद्धिक क्षमता का धनी भारत का दुनियां में कौशलता दम दिखा ख़ास – किसी पीएम ने चरण

संबंधों को समझने से ही प्यार सजीव रहता है |

May 28, 2023

संबंधों को समझने से ही प्यार सजीव रहता है समय के साथ सभी जगह बदलाव आने के साथ संबंधों में

साहित्य जगत में फ़ैल रहा व्यवसाईयों का मकड़ जाल

May 28, 2023

साहित्य जगत में फ़ैल रहा व्यवसाईयों का मकड़ जाल वर्ष 2018 मे मैंने साहित्य जगत में कदम रखा था ।

PreviousNext

Leave a Comment