Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr-indu-kumari, poem

अजीज मेरे- डॉ. इन्दु कुमारी

अजीज मेरे अलविदा ना कहना मुझेदिसम्बर की तरह मुझेआती है जनवरी आयेखुशियाँ भी ढेरों लाएं महकती रहे बगिया तेरीचहकती रहे …


अजीज मेरे

अजीज मेरे- डॉ. इन्दु कुमारी
अलविदा ना कहना मुझे
दिसम्बर की तरह मुझे
आती है जनवरी आये
खुशियाँ भी ढेरों लाएं

महकती रहे बगिया तेरी
चहकती रहे जीवन तेरी
आँचल पसारकर सदा
दुआएँ रब से मांगूंगी मैं

एक चाहना हमारी सुनो
उपेक्षिता न समझ मुझे
धरोहर समझ ले प्यारे
जीवन से न कर किनारे

तुलसी हो सकती आँगन
की सुगंध फैलाने वाली
या ममता लुटाने वाली
छत की छाया की तरह
शीतलता प्रदान करूं

कृष्ण सुदामा की मैत्री
रुप में ऊभर सामने आऊं
चलती कश्ती संग हो जाऊं
रद्दी समझ फेंक न देना मुझे
जीते जी अलविदा ना कह मुझे।

डॉ. इन्दु कुमारी
मधेपुरा बिहार


Related Posts

Jivan ko jeena by Anita Sharma

October 7, 2021

 “जीवन को जीना “ जीवन ने सिखलाया है, जीवन को जीना है कैसे? सुख के पीछे भागोगे तो, दुख चिंता

Fislan by Anita Sharma

October 5, 2021

 “फिसलन” संसार के मोह जाल में उलझे  फिसल रहा समय। कब किसको फुर्सत यहाँ पर बीत रही उम्र । शून्य

Dharohar by Sudhir Srivastava

October 1, 2021

 धरोहर हम सबके लिए हमारे बुजुर्ग धरोहर की तरह हैं, जिस तरह हम सब रीति रिवाजों, त्योहारों, परम्पराओं को सम्मान

Sabke apne Gandhi by Jitendra Kabir

October 1, 2021

 सबके अपने गांधी गांधी, तुम किसके हो? उनके हो, जो तुम्हारे नाम पर बड़ी-बड़ी  योजनाएं चलाते हैं, दिखावे के लिए।

Vridh Divas budhapo by mainudeen kohri

October 1, 2021

 वृध्द दिवस  बुढ़ापो         बुढापो  तो  सगलां  नैं आसी । ओ’ बुढापो  तो  घणो  दोरो रे ।।

Swar Kokila Lata Mangeshkar by Dr. Indu Kumari

October 1, 2021

 स्वर कोकिला लता  मंगेशकर                    हुई 92 साल की स्वरों की देवी

Leave a Comment