Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

अच्छे के लिए होता है !

अच्छे के लिए होता है ! राजा और मंत्री शिकार के लिए निकले, जंगल में आए, बहुत सारी झाड़ी और …


अच्छे के लिए होता है !

अच्छे के लिए होता है !
राजा और मंत्री शिकार के लिए निकले,

जंगल में आए, बहुत सारी झाड़ी और झीलें,
राजा जी के उंगली मैं चुभ गए,
झाड़ियों में जो थे कांटे नुकीले!

राजा के हाथ कि एक उंगली कटि,
सब कुछ अच्छे के लिए होता है बोला मंत्री,
दर्द में यह बात सुनकर राजा को क्रोध आया,
सेना को कह, मंत्री को कारावास में भिजवाया!

राजा अकेले जंगल में आगे बढ़ा,
कबीले वालों ने बली के लिए राजा को पकड़ा,
देखा राजा का एक अंग है भंग,
राजा को छोड़ दिया उन्होंने, इस कारण!

राजा को मंत्री की बात समझ आई,
वो महल गया और तुरंत मंत्री को जेल मैं आवाज लगाई,
मंत्री को कहा भगवान ने मेरी तो जान बचाई,
लेकिन तुझे क्या फायदा हुआ मेरे भाई?

मंत्री मुस्कुराया और कहा,
अगर मैं आपके साथ होता वहां,
कबीले वाले आपको तो छोड़ देते, 

लेकिन मेरी पक्का बलि ले लेते!

ईश्वर पर रखो पूरा यकीन,
कभी रात है तो कभी दिन,
कभी कोई पाता है, कभी कोई खोता है,
इसलिए जो भी होता है, अच्छे के लिए होता है!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)


Related Posts

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

सशक्त मां, सशक्त विश्व!

May 8, 2022

सशक्त मां, सशक्त विश्व! अत्यंत बुरे अनुभवों में से एक जो एक बच्चा देख सकता है, वह परिवार या समाज

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास

May 8, 2022

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास  मां शब्द का विश्लेषण शायद कोई कभी नहीं कर पाऐगा, यह दो

मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं

May 7, 2022

“मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं” जिस कोख में नौ महीने रेंगते मैं शून्य

माँ तेरे इस प्यार को

May 7, 2022

माँ तेरे इस प्यार को तेरे आँचल में छुपा, कैसा ये अहसास ।सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो

बीते किस्से

May 7, 2022

बीते किस्से अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूंलोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी

PreviousNext

Leave a Comment