Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

अच्छी चाह तो अच्छी राह- डॉ. माध्वी बोरसे!

अच्छी चाह तो अच्छी राह! चलो सोचे और बोले एक समान, जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,दिल से और …


अच्छी चाह तो अच्छी राह!

अच्छी चाह तो अच्छी राह-  डॉ. माध्वी बोरसे!
चलो सोचे और बोले एक समान,
जिंदगी को बना ले, थोड़ा और आसान,
दिल से और बाहर से करें सबका सम्मान,
ना करें एक दूसरे का, कभी भी अपमान!

अच्छी सोच है, हमारे लिए वरदान,
जैसे हम हैं, वैसा दिखे हमें जहान,
कहते हैं सारे, वेद, ग्रंथ और पुराण,
पवित्र हृदय का व्यक्ति ही होता है महान!

नकारात्मकता को न सुने हमारे कान,
सकारात्मकता से भर दे सारा ज्ञान,
अंदर बाहर से हो, पूर्ण रूप से बलवान,
गलत आदतों से, रहे अनजान!

अपने जीवन को दे, नई पहचान,
इंसानियत में बसती हो, हमारी जान,
रखें हमेशा, अपने चेहरे पर मुस्कान
नैतिकता से भरे हो, हमारे अरमान!

करें निंदा, अहंकार, और माया का बलिदान,
कोशिश करें, बने एक अच्छे इंसान,
बचाए निर्दोष जीव जंतुओं के प्राण,
यही है सबसे सर्वश्रेष्ठ दान!

डॉ. माध्वी बोरसे!
( स्वरचित व मौलिक रचना)


Related Posts

नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है

March 4, 2023

भावनानी के भाव नम्र बनके रहो हर खुशहाल पल तुम्हारा है बुजुर्गों ने कहा यह जीवन का सहारा है सामने

धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं

March 4, 2023

भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव धर्म और जाति की आड़ में छिपता हूं आज के बढ़ते ट्रेंड की ओर बढ़ रहा

हे परमपिता परमेश्वर

March 4, 2023

भावनानी के भाव हे परमपिता परमेश्वर आपके द्वारा दिए इस जीवन में इन मुस्कुराहटों का हम पर एहसान है हर

हे परवरदिगार मेरे मालिक

March 4, 2023

 भावनानी के भाव हे परवरदिगार मेरे मालिक मैंने कहा गुनहगार हूं मैं  उसने कहा बक्ष दूंगा  मैंने कहा परेशान हूं

कविता: भारतीय संस्कृति में नारी | bharatiya sanskriti me naari

February 16, 2023

 भावनानी के भाव कविता:भारतीय संस्कृति में नारी  भारतीय संस्कृति में नारी  लक्ष्मी सरस्वती पार्वती की रूप होती है समय आने

वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है

February 16, 2023

 भावनानी के भाव वैश्विक पटल पर भारत तीव्रता से बढ़ रहा है रक्षा क्षेत्र में समझौतों के झंडे गाड़ रहे

PreviousNext

Leave a Comment