Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

अच्छाई का पैमाना- जितेन्द्र ‘कबीर’

अच्छाई का पैमाना अच्छा सैनिक कौन है?वो जो अपने सेनापति एवं शासकके आदेश परयुद्ध छेड़ दे अपनी जान की परवाहन …


अच्छाई का पैमाना

अच्छाई का पैमाना- जितेन्द्र 'कबीर'

अच्छा सैनिक कौन है?
वो जो अपने सेनापति एवं शासक
के आदेश पर
युद्ध छेड़ दे अपनी जान की परवाह
न करते हुए,
बहादुरी दिखाते हुए
अपनी जान दे या फिर ले ले
सामने वाले की जान,
सामने वाला उसका दुश्मन है या दोस्त
यह उसका शासक तय करता है,
एक अच्छा सैनिक है वो
जो अपने शासक के लिए बेमौत मरता है।
अच्छी प्रजा कौन है?
वो जो अपने प्रतिनिधियों एवं शासकों
की सुख-सुविधा के लिए
सारे संसाधन जुटाती है छत्तीस प्रकार के
टैक्स भरते हुए,
शराफत दिखाते हुए
चुपचाप रख ले जो अपने शासकों की
हर इच्छा का मान,
आसमां पर सूरज देखेगी वो या चांद
यह उसका शासक तय करता है,
एक अच्छी प्रजा है वो
जिसकी कीमत पर उसका शासक ऐश करता है।
दुनिया भर के शासक बहुत अच्छे हैं,
वो अपने सैनिकों एवं प्रजा से चाहते हैं
शिकारी कुत्तों और भेड़-बकरियों
जैसी वफादारी,
जो कोई ऐसी वफादारी नहीं दिखाता
उनके लिए,
उसे बिना विलंब घोषित कर दिया जाता है
बागी, विद्रोही और कई बार देशद्रोही,
देशभक्ति अथवा स्वामी-भक्ति की परिभाषा
केवल शासक तय करता है,
आखिरकार कौन से देश का शासक
प्रजा के हित को अपने हित से ऊपर रखता है।

जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति – अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र- 7018558314


Related Posts

हाजिर जवाबी अटल बिहारी- डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

हाजिर जवाबी अटल बिहारी देश की माटी ने दी सदाअमूल्य तोहफ़ा निशानीवीरता के परचम कोलहराते रहे हैं बलिदानी उन्हीं श्रेणी

रणछोड़ – डॉ. इन्दु कुमारी

December 27, 2021

शीर्षक -रणछोड़ जिस बातों की है वियोगछोड़ कर भागा रणछोड़ढूँढती है नैना तुझकोभूल गए सलोने मुझको वेदना हमें मिले उपहारक्या

बिकते – बहकते वोटर- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

बिकते – बहकते वोटर लोकतंत्र में… वोट के अधिकार के लिएकिसी योग्यता या मेहनत कीजरूरत नहीं पड़ती,बस पैदा होना ही

नंबर आएगा सभी का- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

नंबर आएगा सभी का कत्ल नहीं हुआ अब तक हमारा धर्म मानने वालों में से किसी का,हमारी जाति में से

कोई कुछ साथ न ले जा पाया- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 27, 2021

कोई कुछ साथ न ले जा पाया रिश्वतें देकर रुपयों-पैसों,कीमती धातुओं, हीरे-जवाहरात की,दिन-रात स्तुति गान में रमे रहकर,सौदे बहुत किये

साड़ी- सुधीर श्रीवास्तव

December 27, 2021

साड़ी साड़ी सिर्फ़ परिधान नहींस्त्री गौरव की भी शान हैसाड़ी विश्व में भारतीय नारियों कामान सम्मान स्वाभिमान है। साड़ी में

Leave a Comment