Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Priyanka_saurabh

अग्निपथ योजना का विरोध बेरोजगारी संकट का सूचक है।

 अग्निपथ योजना का विरोध बेरोजगारी संकट का सूचक है। प्रियंका ‘सौरभ’ बेरोजगारी आज भारत में चिंताजनक चिंता का कारण बनता …


 अग्निपथ योजना का विरोध बेरोजगारी संकट का सूचक है।

प्रियंका 'सौरभ'
प्रियंका ‘सौरभ’

बेरोजगारी आज भारत में चिंताजनक चिंता का कारण बनता जा रही है; बेरोजगारी एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से मौजूदा मजदूरी दर पर दोनों काम करने में सक्षम होता है, लेकिन नौकरी नहीं मिलती।

-प्रियंका ‘सौरभ’

अग्निपथ योजना के खिलाफ सबसे अधिक विरोध बिहार, उत्तर जैसे राज्यों में शुरू हुआ और तेजी से उत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में फैल गया। यहां अच्छी नौकरियां नहीं पैदा हो रही हैं। खराब कार्य अनुबंधों की अंतर्निहित समस्या, तदर्थ संविदाकरण और कार्यबल में विसंघीकरण ने सुरक्षित नौकरियों की गुणवत्ता को कम कर दिया है और इसके कारण बेरोजगारी तेजी से बढ़ी है।

 अग्निपथ योजना को देश में मिली-जुली प्रतिक्रिया मिल रही है। सरकार ने तीनों में सैनिकों की भर्ती के लिए अपनी नई योजना का अनावरण किया। नई अग्निपथ योजना के तहत सेना, नौसेना और वायु सेना में लगभग 45,000 से 50,000 सैनिकों की सालाना भर्ती की जाएगी और इनमे सेअधिकांश सिर्फ चार साल में सेवा छोड़ देंगे; स्थायी कमीशन के तहत कुल वार्षिक भर्तियों में से केवल 25 प्रतिशत को ही जारी रखने की अनुमति दी जाएगी।

बेरोजगारी आज भारत में चिंताजनक चिंता का कारण बनता जा रही है; बेरोजगारी एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से मौजूदा मजदूरी दर पर दोनों काम करने में सक्षम होता है, लेकिन नौकरी नहीं मिलती। देश में बेरोजगारी दर अप्रैल में 7.60 . से बढ़कर 7.83 प्रतिशत हो गई। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर, रघुराम राजन, हाल ही में भारतीय रेलवे में 90,000 निम्न-श्रेणी की नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले 25 मिलियन युवाओं को संदर्भित किया और बताया कि रेलवे इस बात का सबूत है कि उच्च विकास ने पर्याप्त रोजगार पैदा नहीं किया है।

देश में उपलब्ध नौकरियों के बीच बेमेल होने से उत्पन्न बेरोजगारी में बाजार और बाजार में उपलब्ध श्रमिकों का कौशल प्रमुख है। भारत में बहुत से लोगों को आवश्यक कौशल और खराब शिक्षा स्तर के कारण नौकरी नहीं मिलती है। उन्हें, प्रशिक्षित करना मुश्किल हो जाता है। पाठ्यक्रम ज्यादातर सिद्धांतोन्मुखी है और व्यावसायिक प्रदान करने में विफल रहता है। वर्तमान आर्थिक परिवेश के साथ तालमेल बिठाने के लिए प्रशिक्षण की आवश्यकता है। जब कुशल मानव संसाधन का उत्पादन करने की बात आती है तो डिग्री-उन्मुख प्रणाली विफल हो जाती है।

कृषि का 51% रोजगार में योगदान है लेकिन यह क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद का मात्र 12-13% योगदान देता है। इस घाटे के पीछे सबसे बड़ा योगदान प्रच्छन्न बेरोजगारी की समस्या है। कई शिक्षित युवा जॉब प्रोफाइल के कारण सरकारी नौकरियों के पीछे भागते हैं और सरकारी नौकरियों की तैयारी करने वाले छात्रों के कारण कई लोग बेरोजगार रह जाते हैं।

आज हमें अग्निपथ और अन्य सरकारी नौकरियों के अलावा सहयोगात्मक कदमों की आवश्यकता है। बेरोजगारी के मुद्दे से निपटने के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए। विनिर्माण क्षेत्र के लिए तेजी से औद्योगीकरण की आवश्यकता है ताकि श्रम बलों को कृषि से स्थानांतरित किया जा सके। शिक्षा केंद्रों पर पाठ्यक्रम में बदलाव किया जाना चाहिए ताकि सीखने और कौशल विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।

स्वरोजगार को सरकारी सहायता आदि से देयता मुक्त ऋणों की सहायता से प्रोत्साहित किया जाना चाहिए, मूल व्यावसायिक विचारों को विकसित करने के लिए इनक्यूबेशन केंद्रों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है जो आर्थिक रूप से व्यवहार्य होगा। सरकार के साथ-साथ सहयोग और पूंजी निवेश के लिए व्यापारिक घरानों को और अधिक विदेशी आमंत्रित करने की कोशिश करनी चाहिए ताकि रोजगार के अवसर बढ़ सकें। श्रम प्रधान विनिर्माण क्षेत्र जैसे खाद्य प्रसंस्करण, चमड़ा और रोजगार सृजित करने के लिए फुटवियर को बढ़ावा देने की जरूरत है।

बेरोजगारी से निपटने के लिए बहु-आयामी और बहु-क्षेत्रीय दृष्टिकोण की रणनीति अपनाया जाना की आवश्यकता है ताकि जनसांख्यिकीय लाभांश का दोहन किया जा सके। कौशल विकास के माध्यम से मानव पूंजी को बढ़ाना और उत्पादक उद्यमों में प्रमुख निवेशक बनने के लिए निजी क्षेत्र का समर्थन करने का लक्ष्य होना चाहिए ताकि औपचारिक और अनौपचारिक क्षेत्रों में सभी नागरिकों के लिए पर्याप्त संख्या में अच्छी गुणवत्ता वाली नौकरियां पैदा हो सकें।

–प्रियंका सौरभ 

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस,

कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार,

facebook – https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/

twitter- https://twitter.com/pari_saurabh


Related Posts

हर घर तिरंगा अभियान और ध्वज संहिता का मान

August 13, 2023

हर घर तिरंगा अभियान और ध्वज संहिता का मान अपना राष्ट्रीय ध्वज यानी तिरंगा। इसको लहराते देख गर्व से सीना

सीआरपीसी आईपीसी एविडेंस एक्ट को रिप्लेस करने वाले बिल संसद में पेश

August 13, 2023

अंग्रेज़ी संसद द्वारा बनाए भारतीय क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के तीन कानूनों 1860-2023 का युग समाप्ति की प्रक्रिया शुरू सीआरपीसी आईपीसी

भारतीय संस्कृति के विविध रंगों और आध्यात्मिक शक्ति का आकर्षण

August 13, 2023

हमारे देश में कला की सबसे प्राचीन और सबसे श्रेष्ठ परिभाषाएं व परंपराएं विकसित हुई हैं वैश्विक स्तरपर भारतीय संस्कृति

चीन पर प्रतिबंधों का ज़बरदस्त प्रहार

August 13, 2023

भारत अमेरिका मिलकर ड्रैगन को दे रहे झटके पे झटका ! भारत ने ड्रैगन पर लैपटॉप टेबलेट तो अमेरिका ने

बदलेंगे अंग्रेजों के ज़माने के कानून

August 13, 2023

बदलेंगे अंग्रेजों के ज़माने के कानून आपराधिक न्याय प्रणाली ब्रिटिश औपनिवेशिक न्यायशास्त्र की प्रतिकृति है, जिसे राष्ट्र पर शासन करने

सेलिब्रिटीज सावधान ! विज्ञापन की नई गाइडलाइंस 2023 ज़ारी

August 11, 2023

सेलिब्रिटीज सावधान ! विज्ञापन की नई गाइडलाइंस 2023 ज़ारी Image credit -Google  स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती उत्पादों के विज्ञापनों संबंधी केंद्र

PreviousNext

Leave a Comment