Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem

अगले जनम मोहे नारी ही कीजो – डॉ. माध्वी बोरसे

अगले जनम मोहे नारी ही कीजो! अगले जनम मोहे नारी ही कीजो,दोबारा मेरे माता-पिता को, प्यारी सी बिटिया ही दीजो,फिर …


अगले जनम मोहे नारी ही कीजो!

अगले जनम मोहे नारी ही कीजो - डॉ. माध्वी बोरसे

अगले जनम मोहे नारी ही कीजो,
दोबारा मेरे माता-पिता को, प्यारी सी बिटिया ही दीजो,
फिर चाहे, हमेशा की तरह, हर एक मोड़ पर, मेरी लाख परीक्षा लीजो,
फिर भी मोहे, अगले जन्म नारी ही कीजो!

खुशियों से महका दू दोनों परिवार,
देश के लिए तत्पर खड़ी रह कर करूं,
रानी लक्ष्मीबाई सा वार,
ना संहू कोई अत्याचार,
ना मानू जिंदगी से हार,
और लाऊं खुशियों की बहार!

वह सोनिया की जीत दीजो,
कल्पना चावला सा विश्वास दीजो,
वह किरण बेदी सी ताकत दीजो,
हां अगले जन्म मोहे नारी ही कीजो!

ऐश्वर्या सा आकर्षण दीजो,
पार्वती सा आदर्शन दीजो,
मदर टेरेसा सी करुणा दीजो,
मैरी कॉम सा प्रण दीजो,
अगले जन्म मोहे नारी ही कीजो!

डॉ. माध्वी बोरसे!
लेखिका !
(रावतभाटा) राजस्थान!


Related Posts

कविता- महिला राजनीति क्षमता निर्माण-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी

December 20, 2021

कविता महिला राजनीति क्षमता निर्माण राष्ट्रीय महिला आयोग ने राजनीति में महिलाओं के लिए क्षमता निर्माण करनेशी इज ए किंग

मुबारक हो नया साल-अजय प्रसाद

December 19, 2021

मुबारक हो नया साल लो फ़िर से नया साल मुबारक हो ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो। बस चंद रोज की

माँ- R.S.meena Indian

December 19, 2021

कविता माँ मैं व्रत नहीं करता ,कहीं माँ जैसी सूरत नहीं । माँ बाप को भूल जाऊ,ऐसा कभी मुहूर्त नहीं

पता नही-अजय प्रसाद

December 18, 2021

“पता नहीं “ खुश हूँ मैं या खफ़ा पता नही दुआ हूँ के बददुआ पता नही । हलचल तो है

भान दक्षिणायन भए- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 18, 2021

भान दक्षिणायन भए…!!! भान दक्षिणायन भए, शिशिर सरकारी।पछुआ बयार मोहे ,तीर सम लाग्यो है ।। बिकल बौराई मैं,थर-थर बदन काँप्यो।ऐसे

मैं चटख साँवरी….!- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 18, 2021

मैं चटख साँवरी….!!! मैं चटख साँवरी, श्याम रंग मेरो..!!!मैं सज के सँवर के,जो निकलूँ ,तो क्या बात..? मैं बड़ी खूबसूरत,बड़ी

Leave a Comment