Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr. Alpa. H. Amin, poem

अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते

 अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते  न करनी पड़े फरियाद हमें  अगर आप ऐसे होते  न करनी पड़े नफ़रत …


 अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते 

अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते

न करनी पड़े फरियाद हमें 

अगर आप ऐसे होते 

न करनी पड़े नफ़रत हमें 

अगर आप सच्चे होते 

न करनी पड़े कोई कोशिश हमें 

अगर आप मन के पक्के होते 

न करनी पड़े तेरी बाते हमें 

अगर आप ईमानदारी की मूरत होते 

न करनी पड़े बेइज्जती तुम्हारी हमें  

अगर आप सच्चाई का दर्पण होते 

न करनी पड़े जाहिर तेरी कहानी हमें 

अगर आप निभाते सच का किरदार होते 

न करनी पड़े मजबूर दुनिया की नजर हमें  

अगर आप झूठ का बादशाह न होते 

न करनी पड़े बद्दुआ की बौछार हमें  

अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते

Dr. Alpa H. Amin

Ahmedabad 


Related Posts

साहित्य राष्ट्र की महानता

July 6, 2023

भावनानी के भाव साहित्य राष्ट्र की महानता साहित्य राष्ट्र की महानता और वैभव का दर्पण होता है साहित्य को आकार

भारतीय नारी सब पर भारी- Kavita

July 6, 2023

भावनानी के भाव भारतीय नारी सब पर भारी पुरुषों से कम नहीं है आज की भारतीय नारी व्यवसाय हो या

नारी पर कविता | Naari par kavita

July 2, 2023

भावनानी के भाव  नारी पर कविता  नारी ऐसी होती है जो सभी रिश्तो को एक धागे में पिरोती हैमां बहन

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती

July 2, 2023

मुझे कहॉं लेखन विद्या आती मुझे कहॉं सच लेखन विद्या आतीमैं तो बस खुद के लिए लिख जातीखुद को मिले

मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं

July 2, 2023

भावनानी के भाव मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं   मुस्कान में पराए भी अपने होते हैं अटके काम

भारतीय संस्कार पर कविता

July 2, 2023

भावनानी के भाव भारतीय संस्कार पर कविता भारतीय संस्कार हमारे अनमोल मोती है प्रतितिदिन मातापिता के पावन चरणस्पर्श से शुरुआत

PreviousNext

Leave a Comment