Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr. Alpa. H. Amin, poem

अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते

 अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते  न करनी पड़े फरियाद हमें  अगर आप ऐसे होते  न करनी पड़े नफ़रत …


 अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते 

अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते

न करनी पड़े फरियाद हमें 

अगर आप ऐसे होते 

न करनी पड़े नफ़रत हमें 

अगर आप सच्चे होते 

न करनी पड़े कोई कोशिश हमें 

अगर आप मन के पक्के होते 

न करनी पड़े तेरी बाते हमें 

अगर आप ईमानदारी की मूरत होते 

न करनी पड़े बेइज्जती तुम्हारी हमें  

अगर आप सच्चाई का दर्पण होते 

न करनी पड़े जाहिर तेरी कहानी हमें 

अगर आप निभाते सच का किरदार होते 

न करनी पड़े मजबूर दुनिया की नजर हमें  

अगर आप झूठ का बादशाह न होते 

न करनी पड़े बद्दुआ की बौछार हमें  

अगर आप ईश्वर से थोड़ा डरते होते

Dr. Alpa H. Amin

Ahmedabad 


Related Posts

दोनों बातें खतरनाक हैं- जितेन्द्र ‘कबीर’

December 8, 2021

 दोनों बातें खतरनाक हैं किसी परिवार का मुखियापरिवार के किसी सदस्य कीनाराजगी के डर सेचुप्पी साध लेता है जबअपने परिवार

सूनापन अखरता”- अनीता शर्मा

December 8, 2021

सूनापन अखरता अकेले चुपचाप खड़ी हो ,देख रही थी,जहाँ दुनिया बसती थी । सूनापन पसरा था कमरे में,जहाँ रौनक रहती

मंथरा- सुधीर श्रीवास्तव

December 8, 2021

 मंथरा आज ही नहीं आदि से हम भले ही मंथरा को दोषी ठहराते, पापी मानते हैं पर जरा सोचिये कि

मन- डॉ.इन्दु कुमारी

December 8, 2021

 मन रे मन तू चंचल घोड़ासरपट दौड़ लगाता हैलगाम धरी नहीं कसकेत्राहि त्राहि मचाने वाली जीवन की जो हरियालीपैरों तले

मेरा एक सवाल- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 8, 2021

मेरा एक सवाल…!!! पढ़े लिखे काका भैया से,मेरा एक सवाल।माँ -बहनों की गाली से ,कब होगा देश आजाद.?? अरे !

उलझे-बिखरे सब”- अनीता शर्मा

December 8, 2021

उलझे-बिखरे सब” कितने उलझे-उलझे हुए सब , कितने बिखरे-बिखरे हुए सब। बनावटी दुनिया में उलझे हुए सब, दिखावटी सब सज-धज

Leave a Comment