Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, Bhawna_thaker, lekh

अखंड भारत को जोड़ने का नाटक क्यूँ

“अखंड भारत को जोड़ने का नाटक क्यूँ” कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भारत जोड़ो पदयात्रा का मतलब समझ नहीं आ …


“अखंड भारत को जोड़ने का नाटक क्यूँ”

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के भारत जोड़ो पदयात्रा का मतलब समझ नहीं आ रहा, भारत तो कड़ी से कड़ी की तरह मजबूती से जुड़ा हुआ है। सोशल मीडिया पर देख लीजिए, हिन्दुत्व जाग उठा है। एक-एक देशवासी देश के प्रति समर्पित है, फिर कौनसे भारत को जोड़ने निकले है कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी? जो खुद की पार्टी को ठीक से संभालने में असफ़ल रहे है, वो देश को क्या जोड़ेंगे। गांधी जी बनना बच्चों का खेल नहीं। उनकी पदयात्रा का मकसद आज़ादी हासिल करने के लिए था। पर राहुल गांधी मृत्यु की कगार पर खड़ी अपनी पार्टी को बचाने का मरणतोल प्रयास मात्र कर रहे है। कांग्रेस ने अपनी पार्टी के कई सम्मानीय बुजुर्गों को, जिन्होंने कांग्रेस की कई दशकों तक सेवा या की, उन बुजुर्ग नेताओं को तो परिवार वाद ने कांग्रेस से लात मार कर भगा दिया। जैसे गुलाम नबी आज़ाद, कपिल सिबल आदि। दूसरों पर अपना वंशवाद थोपने वाला नेता भारत जोड़ने का ढोंग कर रहा है। राहुल गांधी के साथ जुड़ा ये जेएनयू वाला वही कन्हैया कुमार है, जो कुछ दिल पहले जेएनयू में बोलता था कि ” भारत तेरे टुकड़े होगें, इंशाल्लाह इंशाल्लाह ” और आज कांग्रेस के भारत जोड़ो अभियान का सक्रिय सदस्य है। कितनी विरोधाभासी एवं विचित्र बात, काम तोड़ने के करेंगे और दिखावा जोड़ने का करेंगे। इनका असली चरित्र यही है।
देश को 70 साल आपने तोड़ा ही है। कभी 70 साल में जोड़ने की कोशिश नहीं की। वोट बैंक की राजनीति खेलते एक कोम को महत्व देकर देश को बाँटने का काम ही किया है। अब जब सत्ता हाथ से चली गई और कांग्रेस खत्म होने के कगार पर है, तब आप देश को जोड़ने की बात कर रहे हो। वो भी दोबारा सत्ता पाने के लालच में। कांग्रेसियों थोड़ी बहुत शर्म करो देश के टुकड़े-टुकड़े नारे लगाने वाले गद्दार कन्हैया लाल को देश जोड़ने की यात्रा पर साथ ले चले हो।
80 एयर कंडीशंड कंटेनर राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में साथ-साथ चलेगा। राहुल गांधी और दूसरे तमाम बड़े नेता इन एयर कंडीशन कमरों में मौज करेंगे, अंदर सारी सुख सुविधा है। बारबेक्यू से लेकर टीवी इंटरनेट फ्री सब कुछ।
बीच-बीच में यात्रा की नौटंकी होती रहेगी
असली भारत की पदयात्रा 1983 में चंद्रशेखर ने की थी। जब वह इसी कन्याकुमारी से दिल्ली के राजघाट पहुंचे थे, और कुल 4500 किलोमीटर उन्होंने पैदल चला था। उनके साथ कोई गाड़ी नहीं चलती थी, उनके साथ कोई सुविधा नहीं थी। वह पैदल चलते थे और कहीं पेड़ के नीचे या किसी पार्क में विश्राम करते थे। अपनी पद यात्रा के दौरान चंद्रशेखर एक भी होटल में नहीं ठहरे न किसी गाड़ी में 1 सेकंड के लिए बैठे वह थकते थे तो कहीं गांव में आराम कर लेते थे।
भारत जोड़ो पदयात्रा वाले देश के अमीर घराने के आदमी है, जिस आदमी को पता नहीं है आटा किलो में मिलता है या लिटर में Half Phd.के सिवाय क्या बोलें इनको। भारत संगठित है। कोई भी राज्य कश्मीर, तमिलनाडु, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, राजस्थान भारत से अलग नहीं हुआ है। राहुल गांधी कौन से राज्य को भारत के साथ जोड़ने निकले हैं? आवश्यक्ता है पोक, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, रूस, चीन, बंग्लादेश, बर्मा को भारत के साथ जोड़ कर अखण्ड भारत बनाने की। पर वह इन देशों की यात्रा ही नहीं कर रहा है। इस यात्रा में वह भाजपा, आरएसएस, मोदी का ही विरोध कर रहे है। तो साफ़ ज़ाहिर है इस पदयात्रा का उद्देश्य केवल मोदी जी का विरोध ही है। इससे कांग्रेस विघटन की ओर ही जाएगी।
1947 में ही भारत को तोड़ने का काम किया था। अब क्या जोड़ना चाहते हैं ? ये भारत को राष्ट्र ही नहीं मानते है, यह राहुल गांधी ने स्वयं लोकसभा में अपना भाषण करते हुए बोला था। अब जिस भारत को यह राष्ट्र नही मानते उसको यह क्या जोड़ेंगे। जो अब इनके नाना के जमाने से ज़्यादा मज़बूत और संविधान से अनुच्छेद 370,35A हटाए जाने के बाद से और ज़्यादा एक अखंड भारत बन चुका है। सारे देश में एक झंडा एक संविधान लागू है। जो अनुच्छेद 370,35A हटाए जाने के पूर्व नही था, क्योंकि कश्मीर का अपना अलग झंडा और संविधान था। वहाँ भारत के मौजूदा क़ानून भी पूर्णरूप से नही लागू होता था। अब जब कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत एक बंधन से जुड़ा है तो इस भारत जोड़ो पदयात्रा का नाटक क्यूँ? कांग्रेस वाले दुनिया के सामने क्या साबित करना चाहते है, कि अखंड़ भारत अब बँट चुका है, टुकड़े हो चुके है जिसे जोड़ने नपुंसकों की फौज निकली है। अगर अखंड़ भारत को देखने की चाह रखते हो तो देश में शांति का माहौल बनाए रखो। हर कुछ दिन बाद अपनी गलती और घोटालों को छुपाने के लिए जनता की आँखों में धूल झोंकने का ड्रामा बंद कीजिए। मौजूदा सरकार के कामों में अपना भी सहयोग दीजिए और अपनी गरिमा बनाएं रखिए।

About author

bhawna thaker

(भावना ठाकर, बेंगुलूरु)#भावु

Related Posts

सोचिये चैटजीपीटी पर; कितने खतरे, कितने अवसर| chat GPT par kitne khatre kitne avsar

February 19, 2023

 सोचिये चैटजीपीटी पर; कितने खतरे, कितने अवसर। जब भी कोई नया अविष्कार या तकनीक आती है तो उसको लेकर तमाम

आध्यात्मिकता जीवन का आधार है

February 16, 2023

जब हम जग मे आए जग हसां हम रोए।ऐसी करनी कर चलो हम जाए जग रोए ।। आध्यात्मिकता जीवन का

पशु चिकित्सा को चिकित्सा की जरूरत

February 16, 2023

पशु चिकित्सा को चिकित्सा की जरूरत सूदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करवाना बहुत जरूरी है।

मेहनत की सिसकियाँ, नक़ल माफिया और राजनीतिक बैसाखियाँ

February 16, 2023

मेहनत की सिसकियाँ, नक़ल माफिया और राजनीतिक बैसाखियाँ नकल विरोधी कानून सरकार की एक अच्छी पहल है परंतु इसमें एक

12 वें विश्व हिंदी सम्मेलन फ़िजी 15 -17 फ़रवरी 2023 पर विशेष

February 16, 2023

 12 वें विश्व हिंदी सम्मेलन फ़िजी 15 -17 फ़रवरी 2023 पर विशेष  विश्व हिंदी सम्मेलन भारतकोश, ज्ञान का हिंदी महासागर

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हैं स्वयं सहायता समूह

February 16, 2023

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाते हैं स्वयं सहायता समूह स्वयं सहायता समूह दृष्टिकोण ग्रामीण विकास के लिए एक सक्षम, सशक्त और

PreviousNext

Leave a Comment