Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jitendra_Kabir, poem

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं- जितेन्द्र ‘कबीर’

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं दुनिया में लोगों ने पहलेअपनी – अपनी आस्था के अनुसारमंदिर, मस्जिद, गिरजे, गुरुद्वारेऔर भी नाना …


अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं-     जितेन्द्र 'कबीर'

दुनिया में लोगों ने पहले
अपनी – अपनी आस्था के अनुसार
मंदिर, मस्जिद, गिरजे, गुरुद्वारे
और भी नाना प्रकार के धर्म-स्थल बनाए,
उनमें अपनी – अपनी आस्था अनुसार
मूर्तियां, किताबें अथवा अन्य चिह्न सजाए,
फिर खुद ही उनकी पूजा, इबादत,
एवं प्रेयर के नियम बनाए,
और अंत में अपनी – अपनी
ईश्वर-उपासना की पद्धति को श्रेष्ठ बताकर
आपस में लड़े जाएं,

सदी दर सदी यह सिलसिला आगे ही आगे
लगातार बढ़े जाए,
इंसान का बेरहमी से कत्ल इंसान ही
ईश्वर के नाम पर करे जाए,
सोचा नहीं किसी ने
कि कौन सा ईश्वर चाहता होगा
अपने नाम पर यूं जुल्मों सितम करवाना,
कौन सा ईश्वर चाहता होगा
अपने नाम पर निर्दोषों का खून बहाना,
और यह विडंबना कैसी है
कि ईश्वर के नाम पर ही
बहुत से स्वार्थी, चालाक, जाहिल और खूनी लोग
सदियों से आम लोगों की अक्ल पर
धर्म के पत्थर मढ़े जाएं।

जितेन्द्र ‘कबीर’
यह कविता सर्वथा मौलिक अप्रकाशित एवं स्वरचित है।
साहित्यिक नाम – जितेन्द्र ‘कबीर’
संप्रति-अध्यापक
पता – जितेन्द्र कुमार गांव नगोड़ी डाक घर साच तहसील व जिला चम्बा हिमाचल प्रदेश
संपर्क सूत्र – 7018558314


Related Posts

सतत विकास-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

सतत विकास! करें गरीबी का निवारण, मिलकर बचाए पर्यावरण,हो समाज मैं आत्मनिर्भरता,बिना फर्क किए हो लैंगिक समानता! कोई व्यक्ति न

खुद को परख-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

खुद को परख! करके दिखा तू सोच मत, इतनी सी बात तू दिल में रख,जज्बा हो तुझ में जबरदस्त,खुद को

काश!!! बचपन के वह दिन लौट आएं

February 4, 2022

कविताकाश!!! बचपन के वह दिन लौट आएं बचपन के दिन कितने सुहाने थे काश कभी ऐसा करिश्मा भी हो जाए

बजट-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

बजट! अगले वित्त वर्ष के लिए सरकार की वित्तीय योजना,इसके जरिए यह है सरकार को सोचना,अपने राज्य की तुलना में,सरकार

माता-पिता-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 4, 2022

माता-पिता मेरे आदरणीय, प्यारे माता-पिताआपका प्रेम, मेरी जिंदगी है,आप दोनों ही, मेरी बंदगी है! आप ही मेरे माता-पिता हो, हर

एक बात सुनो -चन्दानीता रावत

February 3, 2022

एक बात सुनो  सुनो सुनो एक बात सुनो अन्धेर नगरी चौपट राजा की बहरे राज्य सरकार कीदिन रात एक कर

Leave a Comment