Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, poem

अकेला!-डॉ. माध्वी बोरसे

अकेला! दुख में हमेशा इंसान अकेला होता है, सुख में दुनिया उसके साथ होती है! उत्साह के लिए इंसान हमेशा …


अकेला!

अकेला!-डॉ. माध्वी बोरसे
दुख में हमेशा इंसान अकेला होता है,

सुख में दुनिया उसके साथ होती है!

उत्साह के लिए इंसान हमेशा अकेला होता है,
कमियां निकालने के लिए दुनिया उसके पास होती है!

दर्द में इंसान हमेशा अकेला होता है,
स्वस्थ होने पर दुनिया उसके साथ होती है!

रोते हुए इंसान हमेशा अकेला होता है,
खुशी में दुनिया उसके साथ होती है!

गरीबी में इंसान हमेशा अकेला होता है,
अमीरी में दुनिया उनके साथ होती है!

मेहनत करते हुए इंसान हमेशा अकेला होता है,
उस मेहनत का फल पाने के लिए दुनिया उसके साथ होती है!

कार्य करने पर इंसान हमेशा अकेला होता है,
किस्मत कैसे चमकी पूछने के लिए, दुनिया उसके साथ होती है!

आगे बढ़ने के लिए इंसान हमेशा अकेला होता है,
उसे रोकने के लिए और अड़चनें पैदा करने के लिए कहीं ना कहीं दुनिया उसके साथ होती है!

सच्चाई में इंसान हमेशा अकेला होता है,
भ्रम में दुनियां उसके साथ होती है!

संघर्ष में हमेशा इंसान अकेला होता है,
सफल होने पर दुनिया उसके साथ होती है!
संघर्ष में हमेशा इंसान अकेला होता है,
सफल होने पर दुनिया उसके साथ होती है!!

डॉ. माध्वी बोरसे!
रावतभाटा (कोटा) राजस्थान !
( स्वरचित व मौलिक रचना)


Related Posts

क्यों एक ही दिन मां के लिए

May 8, 2022

क्यों एक ही दिन मां के लिए मोहताज नहीं मां तुम एक खास दिन कीतुम इतनी खास हो कि शायद

सशक्त मां, सशक्त विश्व!

May 8, 2022

सशक्त मां, सशक्त विश्व! अत्यंत बुरे अनुभवों में से एक जो एक बच्चा देख सकता है, वह परिवार या समाज

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास

May 8, 2022

सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो पास  मां शब्द का विश्लेषण शायद कोई कभी नहीं कर पाऐगा, यह दो

मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं

May 7, 2022

“मातृ दिवस पर कहो कैसे कह दूँ की मैं कुछ भी नहीं” जिस कोख में नौ महीने रेंगते मैं शून्य

माँ तेरे इस प्यार को

May 7, 2022

माँ तेरे इस प्यार को तेरे आँचल में छुपा, कैसा ये अहसास ।सोता हूँ माँ चैन से, जब होती हो

बीते किस्से

May 7, 2022

बीते किस्से अपनी जिंदगी के कुछ नायाब किस्से मैं सुनाती हूंलोग कहते मुझे पागल , मैं तो कलम कि दीवानी

PreviousNext

Leave a Comment