Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veerendra Jain

अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस

अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस शीर्षक : अमूल्य जीवन और नशा जाने कितनों ने मांगी थी और महज़ कितनों ने पाई …


अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस

अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस

शीर्षक : अमूल्य जीवन और नशा

जाने कितनों ने मांगी थी और महज़ कितनों ने पाई है,
जीवन है अनमोल ये जिंदगी कुछ लोगों को मिल पाई है ।
कदर क्यों नहीं करते इसकी धुम्रपान क्यों करते हो,
इक बार गई तो फिर जाने कब किस जनम में ये मिल पाई है!!

धुएं के गुबार में जीवन पल पल मिटता जाता है,
एक एक कश के साथ तुम्हारा जीवन कम हो जाता है।
धुम्रपान नशे से हासिल कुछ ना, क्यों शरीर गलाते हो,
अपना और अपनों का जीवन भला क्यूं दांव पे ऐसे लगाते हो !

पैसा ही नहीं तन का भी नाश करता है दुष्ट नशा,
तन को असाध्य रोगों का घर बनाता है दुष्ट नशा।
परिवार बिखर जाता है इन रोगों से लड़ते लड़ते,
नरक यातना सहो न करके कुछ पलों का दुष्ट नशा !!

नशे में मानव अविवेकी हो अपनी सुध बुध खो देता है,
अपराध कुकृत्य जाने कितने विभत्स कार्य कर लेता है।
नशा दूत है यम का पल में जीवन लील लिया करता,
नशा जो करता जीवन भर का अफसोस ये देता है!!

जीवन खो जाए ऐसे फैशन का बोले क्या है मज़ा,
मन का भरम है “कूल” दिखोगे, क्यों करते हो ऐसी खता।
मानवता को गर्व हो तुम पर ऐसा कोई काम करे,
धुम्रपान नशे से कैंसर जैसे रोग की पाओगे सज़ा !!

About author 

Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur 
Veerendra Jain, Nagpur
Instagram id : v_jain13

Related Posts

प्यारा बचपन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

प्यारा बचपन परिवार में बड़ी शक्ति है मन प्रसन्नता से भर जाता बच्चों का खिलता चेहरा तो सराबोर हो हर

होलिका दहन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

होलिका दहन जला कर राख कर दो अपनी सभी दुर्भावनाएॅ।चलो मनों में भरे सद्भावनामिटाये बैर दिलों से अपने।दहन कर दे

आशा- अनिता शर्मा

March 25, 2022

आशा उसने मुझे मुस्कुरा कर देखा,कौन हो तुम?हौले से पूछा।उसने आंखो में चमक भर कहा,मैं तो हूँ,तुम्हारी ही आशा ।एक

बसंत-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

बसंत बसंत की बहार आई ,रंगों की फुहार लाई।चले आओ सजना घर के अंगना ।रंगों संग उमंग लाई,चेहरों पर निखार

भारतीय नारी अबला या सबला-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

भारतीय नारी अबला या सबला भारतीय संस्कृति की प्रतीक तूधन्य धन्य तू हे भारत की नारी ।कब अबला थी ,त्याग

चाँद सी माँ-अनिता शर्मा झाँसी

March 25, 2022

चाँद सी माँ चाँद की शीतलता माँ में देखीशांत भावुकता से भरी हुई।बच्चों को देखकर मुस्कुरातीज्यों शरद् चंद्र,श्वेत रजत बिखरे।स्निग्धता

Leave a Comment