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Dr_Madhvi_Borse, poem

है वादा। Kavita -hai waada

है वादा।  पढ़ो पर लिखो ज्यादा,बोलो पर सोचो ज्यादा,खेलो पर पढ़ो ज्यादा,आप सफल होंगे है वादा। खाओ पर चबाओ ज्यादा,रोइए …


है वादा। 

पढ़ो पर लिखो ज्यादा,
बोलो पर सोचो ज्यादा,
खेलो पर पढ़ो ज्यादा,
आप सफल होंगे है वादा।

खाओ पर चबाओ ज्यादा,
रोइए कम हसिये ज्यादा,
सोओ पर जगो ज्यादा,
आप स्वस्थ रहोगे है वादा।

मांगो कम से कम दो ज्यादा,
रूठो कम मनाओ ज्यादा,
आराम करो पर मेहनत ज्यादा,
स्वाभिमान बना रहेगा है वादा।

नफरत ना के बराबर पर प्रेम ज्यादा,
आज्ञा दो पर मानो ज्यादा,
गुस्सा कम पर समझो ज्यादा,
जीवन सुकून से गुजरेगा है वादा।

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डॉ. माधवी बोरसे अंतरराष्ट्रीय वक्ता

डॉ. माधवी बोरसे
अंतरराष्ट्रीय वक्ता
स्वरचित मौलिक रचना
राजस्थान (रावतभाटा)


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