Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Veerendra Jain

हे राम!! | Hey ram

हे राम!! राम तुम क्यूं ना बन सके प्रैक्टिकल,कि जब मेघनाद का तीर लगा लखन को,क्यों तुमने द्रवित किया था …


हे राम!!

हे राम!! | Hey ram

राम तुम क्यूं ना बन सके प्रैक्टिकल,
कि जब मेघनाद का तीर लगा लखन को,
क्यों तुमने द्रवित किया था मन को !
बुलाया भेजकर हनुमान को वैद्य सुशेन को,
गोद में रखे सिर को अपने लखन को!
रूदन करते हुए करते रहे विनती वैद्य से !
बचा लो किसी भी तरह टुकड़े को मेरे मन के !!
कि जी ना सकूंगा अपने लाडले के बिना,
निकलेंगे प्राण मेरे भी साथ मेरे लखन के !
हाथ जोडे हनुमान के, ले आओ संजीवनी कैलाश से,
करता हूं विनती बच जाए लखन इस आस से !!
क्यों किया राम तुमने अपनी गरिमा का अपमान,
क्यों दांव पर लगा दी तुमने अपनी जान !!
कह सकते थे तुम यही है लिखा नियती का,
कौन बदल सका है भाग्य किसी का !
अग़र तुम्हारी आयु इतनी ही बची रेखाओं में,
क्या उपयोग रखा वैद्य और औषधियों में !!
कि रखकर सिर तुम्हारा गोद में मैं अपनी,
निकाल दूंगा समय जब तक रहे तुम्हारी अंतिम सांस भी !
कहना था लखन तुम्हे् रखना होगा भाव समता का,
कि होगा आज ये परीक्षण तुम्हारी आत्म क्षमता का !!
ना करना तुम अपनी खातिर परेशान औरों को,
लखन त्याग देना तुम शांत मन से अपने प्राणों को !
समय यही है संसार को सकारात्मकता सिखाने का,
छोड़ नियती पर सबकुछ इंतजार प्राणों के जाने का !!
राम तुम क्यों ना बन पाए प्रैक्टिकल,
समझा कर लखन को क्यों ना बढाया संबल ,
राम तुम क्यों ना बन पाए प्रैक्टिकल !!!

About author 

Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Veerendra Jain, Nagpur
Instagram id : v_jain13

Related Posts

फरेबी मुस्कान-गरिमा खंडेलवाल

March 25, 2022

फरेबी मुस्कान मुहब्बत में कोई सौदा वफ़ा का वादा नहीं होताहोता है प्यार जब कोईचाहत का इरादा नहीं होता एक

दोहे-भाव माधुरी-कवियित्री कल्पना भदौरिया”स्वप्निल “

March 25, 2022

दोहे-भाव माधुरी मुंडमाल उर में धरे, उमानाथ भगवान | चंद्रमौलि का जाप है, नाथ वही गुणवान || वास करें निज

अवसर!-डॉ. माध्वी बोरसे!

March 25, 2022

अवसर! इस अवसर को तू ना गवा, समय बहे जैसे हवा,कदर करे जब मिले अवसर,जीवन में रह जाए ना कोई

एक लेखक की कलम

March 25, 2022

एक लेखक की कलम! चलो बनाते हैं दोस्त, परिश्रम को, हमारे हाथों से हमेशा अच्छे कर्म हो,विश्वास हो बहुत सारा,

हर क्षण की तरंग

March 25, 2022

हर क्षण की तरंग! जिंदगी के खेल में खेलता जा,रोशनी की तरह फैलता जा,खुद पर रख पुरा यकीन,खिलाड़ी तू है

वक्त तो सबका आता है

March 25, 2022

वक्त तो सबका आता है! वक्त तो सबका आता है, बहुत सारी मुश्किलों को भी लाता है,पर कोई बिखर जाता

Leave a Comment