Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

हे परमपिता परमेश्वर

भावनानी के भाव हे परमपिता परमेश्वर आपके द्वारा दिए इस जीवन में इन मुस्कुराहटों का हम पर एहसान है हर …


भावनानी के भाव

हे परमपिता परमेश्वर

आपके द्वारा दिए इस जीवन में
इन मुस्कुराहटों का हम पर एहसान है
हर लम्हा महसूस किया है
भारी वीरानी में भी जान है

इस रूहानी प्यार की चाहत
ऐसे ही खिलती रहे
यह राहत इन मुस्कुराहटों से
हर पल हमको मिलती रहे

हमारी हर सुबह तेरी मर्जी से हो
क्योंकि तू ही है जो दिनभर हमें
अपनी पनाह में रखता है
हमारा ध्यान रखता है

बस ऐसे ही अपनी रहमत करते रहो
सादगी वाला जीवन चलाते रहो
हाथों में दिए कलम को धार देना
सच्चाई पर अटल रहे ऐसी सौगात देना

झूठ फरेब अन्याय से
लड़ने की शक्ति देना
कभी कमजोर नहीं हो जाएं
ऐसी ताकत देना

हर ख़ुशी गम में तुझेसे जुड़े रहें हिम्मत देना
जब भी हमारे हृदय में
गुरूर विकार आए
अपने पास बुला लेना

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 

Related Posts

उनके संज्ञान में क्यों नहीं है?-जितेन्द्र ‘कबीर’

January 13, 2022

उनके संज्ञान में क्यों नहीं है? हर बार सामने आती हैंजांच एजेंसियों कीदेरी और लापरवाही की खबरेंबलात्कार,हत्या जैसे संगीन मामलों

परछाईं- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

परछाईं वक्त कितना भी बदल जायेहम कितने भी आधुनिक हो जायें, कितने भी गरीब या अमीर होंराजा या रंक हों

आज की द्रौपदी- जयश्री बिरमी

January 13, 2022

आज की द्रौपदी एक तो द्रौपदी थी तबअनेक है आज भीक्यों बचा न पाए आज के कृष्णजब बिलखती हैं वहआज

आने वाला पल- सुधीर श्रीवास्तव

January 13, 2022

आने वाला पल आने वाला पल तो आकर ही रहेगा, जैसे जाने वाला पल भीभला कब ठहरा है ? क्योंकि

हिन्दी बेचारी- डॉ. इन्दु कुमारी

January 13, 2022

हिन्दी बेचारी राष्ट्र है मेरे अपने घरभारती हूँ मैं कहलाती जनमानस की हूँ सदासरल अभिव्यक्ति मैं राजदुलारी जन सभा कीअवहेलना

गुरु गोविंद पुकारा है – डॉ इंदु कुमारी

January 13, 2022

गुरु गोविंद पुकारा है तेग बहादुर सिंह ने अपने बेटे को बलिदान दिया झुका नहीं दुश्मन के आगेमौत को भी

Leave a Comment