Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

हाशिये पर इतिहास- शैलेंद्र श्रीवास्तव

हाशिये पर इतिहास ब्रह्म राक्षसबहुत छल प्रपंची होता हैवह कितनो का अंतरंग होता हैवह न किसी धर्म न पंथ न …


हाशिये पर इतिहास

हाशिये पर इतिहास- शैलेंद्र श्रीवास्तव

ब्रह्म राक्षस
बहुत छल प्रपंची होता है
वह कितनो का अंतरंग होता है
वह न किसी धर्म न पंथ
न किसी वाद का होता है
दर असल
वह अपने से भी अजनबी होता है

वह किसी सरोवर या पेड़ के खोह
में ही नहीं
किसी के पेट में भी छिप सकता है

यों आज यह मुद्दा है भी नहीं
कि ब्रह्मराक्षस होंते हैं या नहीं
सींग वाले होते हैं
या बडे पेट वाले होते हैं

दर असल वह अक्सर
अमूर्त ही रहता है
आप उसका ठिकाना जानना चाहेंगे
तो कोई नहीं बता पायेगा
ठीक ठाक

लुकमान अली भी नहीं
यदि उनसे पूछेंगे भी तो
वह हंसेगा

फिर संसद मार्ग पर बढता
किसी पेशाब घर में खड़ा
पेशाब करता
वह विचार करेगा

दर असल
वह आदमी ही सनकी है
जिसने लुकमान अली से
यह सवाल पूछा है
लुकमान अली जानता है
ब्रह्मराक्षस महज
आदमी के मस्तिष्क की उपज है

वक्त बे वक्त जो कभी
कश्मीर में
कभी मुम्बई
कभी लाहौर
कभी माले गांव
कभी ढाका
कभी न्यूयार्क
कभी पेरिस

कभी सीरिया
इराक में फूटता है
ताजुब्ब नही
कभी पूरे एशिया में फैल जाए
औऱ हम न रोक पाये

इस लिए आज जरूरी है
उस ब्रह्मराक्षस पहचाने
नही तो
सभ्यता की लडाई में हम
इतिहास के हाशिये पर
हाथ मलते ही रह जाये एक दिन ।

शैलें द्र श्रीवास्तव /लखनऊ

Related Posts

हर क्षण की तरंग

March 25, 2022

हर क्षण की तरंग! जिंदगी के खेल में खेलता जा,रोशनी की तरह फैलता जा,खुद पर रख पुरा यकीन,खिलाड़ी तू है

वक्त तो सबका आता है

March 25, 2022

वक्त तो सबका आता है! वक्त तो सबका आता है, बहुत सारी मुश्किलों को भी लाता है,पर कोई बिखर जाता

हवा मेरा संदेश पहुंचाना

March 25, 2022

कविता का शीर्षक हवा मेरा संदेश पहुंचाना ए हवा तुम उसके पास से गुजर ना, जरा रुक कर उसके हाल-चाल

मतदाता जागरूकता पर कविता

March 25, 2022

मतदाता जागरूकता पर कविता| matdata jagarukta par kavita हे मतदाता हे राष्ट्रनिर्माता  हे मतदाता !, हे राष्ट्रनिर्माता ! दारू मुर्गे

सुहानी शाम- डॉ इंदु कुमारी

March 25, 2022

सुहानी शाम जिंदगी में सुरमईशाम आ जाएउदासी की समंदर मेंएक उफान आ जाएदुख भरी दिनों में भीसुर्ख होठों परमुस्कान आ

शहीद आज भी ज़िंदा हैं-मईनुदीन कोहरी ” नाचीज़

March 25, 2022

सरदार भगतसिंह के शहीदी दिवस पर विशेष शहीद आज भी ज़िंदा हैं वतन की राह में कुर्बान होने वाले ।

Leave a Comment