Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

mainuddin_Kohri, poem

हाल -ए-दिल- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी

हाल -ए-दिल खुशियों के फूल सदा खिलते रहें ।इंसानियत के कदम भी बढाते रहें ।।जमाने के हर दौर से गुजर …


हाल -ए-दिल

हाल -ए-दिल- मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी

खुशियों के फूल सदा खिलते रहें ।
इंसानियत के कदम भी बढाते रहें ।।
जमाने के हर दौर से गुजर कर ।
नेकियों के दरिया हम बहाते रहें ।।
अश्क पी – पी कर भी मुस्कुराते रहें ।
कैसा भी दौर हो हम गुनगुनाते रहें ।।
दोष औरों का देखने से क्या मिले ।
दिलों की दूरियों को हम मिटाते रहें ।।
अपने गिरेबां में भी खुद झांकते रहें ।
ग़ैरों के ऐब ढक, गले से लगाते रहें ।।
अपनों के गीत भी गाते रहो मग़र ।
कुछ पल ग़ैरों के संग भी मुस्कुराते रहें ।।
पढ़ तो लेते हैं अक्सर लोग चेहरा ।
हाल-ए-दिल अक्सर चाहे छुपाते रहें ।।
नेकी कर छुपाएं भी तो छुप नहीं सकती ।
अच्छा है कि अच्छे काम कर भुलाते रहें ।।
बाँटते रहो हर दम अमन-चैन की खैरात ।
अल्लाह से दुआ में हाथ’नाचीज’ उठाते रहें।।

मईनुदीन कोहरी नाचीज़ बीकानेरी
मो —9680868028


Related Posts

पृथ्वी बोल पड़ी!

February 7, 2022

 पृथ्वी बोल पड़ी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह, जहां जीव जंतु का जीवन है संभव, निवास करती है

क्या गवायां हैं आज

February 7, 2022

क्या गवायां हैं आज हर करम अपना करेंगे ए वतन तेरे लिएकहने वाली वह आवाज जो शांत हो गई हैंभर

विश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार

February 7, 2022

कविताविश्व प्रसिद्ध भारत के अनमोल संस्कार विश्व प्रसिद्ध भारतीय संस्कार अनमोल मोती है रोज़ माता-पिता चरण स्पर्श से शुरुआत होती

दिल्ली शहर-डॉ. माध्वी बोरसे

February 7, 2022

दिल्ली शहर! भारतीय गणराज्य की राजधानी,इसका इतिहास है गौरवशाली,एक विशेष केंद्र शासित प्रदेश,महाभारत काल से इसका उल्लेख रहा विशेष! देश

अधूरे ख़्वाब-नंदिनी लहेजा

February 7, 2022

अधूरे ख़्वाब मन की अनेकों हसरतों को, इक सांचे में जो ढाले।नयनों में समाते है वो,बन ख़्वाब बड़े ही प्यारे।लक्ष

कृत्रिम बुद्धिमता-एडवोकेट किशन सनमुखदास

February 7, 2022

कविताकृत्रिम बुद्धिमता आजकल कृत्रिम बुद्धिमता की लहर छाई है हर काम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भावना समाई है मानवीय दिनचर्या

Leave a Comment