Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Jayshree_birmi, poem

हालात- जयश्री बिरमी

हालात मिलाना हाथ मुश्किल हैं बहुतगले लगाने की बात ही न कीजिएघूमने की ख्वाहिश बहुत हैंमगर बाहर निकलने की बात …


हालात

हालात- जयश्री बिरमी
मिलाना हाथ मुश्किल हैं बहुत
गले लगाने की बात ही न कीजिए
घूमने की ख्वाहिश बहुत हैं
मगर बाहर निकलने की बात ही न कीजिए

ठंड हैं बहुत बाहर धूप में
सुस्ताने की बात ही न कीजिए
खुली हवा बह रही हैं बहुत
मास्क हटाने की बात ही न कीजिए

खुल के सांस लेने की जुर्रत
ही न कीजिए
दिवाली गई खाली,लोहरी भी थी भारी
होली को तो मानने की बात ही न कीजिए

पतंग को उड़ने की भी बात
न कीजिए
रुकी हुई खुदाई हैं जो दो सालों से
अब आगे क्या होगा ये बात ही न कीजिए

बस सब कुछ ही कर लो
लेकिन सामाजिक दूरी हटाने की
बात ही न कीजिए
मुख पट्टी निकलने की बात न कीजिए
हाथ मिलाने की या गले से लगाने की बात
न कीजिए
मिलने मिलाने की बात ही न कीजिए

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

अंजान राहें!- अनिता शर्मा

January 25, 2022

अंजान राहें!! है अंजान राहें थमती नहींनित नये रास्ते मिलते ही जायें।जीवन डगर पर मुस्कान बिखेरीबढ़ते चले हैं बाधाओं से

स्वतंत्रत विचार- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

स्वतंत्रत विचार एक टूटता हुआ तारा!!असमान में बिखरे तारेकितने सुन्दर कितने प्यारे। अपलक रोज निहारा करतीसहसा टूटा एक तारा…अनायास ही

सलोनी के कुसुम”- अनिता शर्मा झाँसी

January 25, 2022

सलोनी के कुसुम” इंसान बेइन्तहा मजबूर दिखा,कुसुम सी बालिकाएं तीर्थ पर,बेंच रही पूजा का सामान छोली में।चेहरे पर मुस्कान बिखेरी

हवाओं से बात- डॉ. माध्वी बोरसे!

January 25, 2022

हवाओं से बात! सनन सनन सी हवा मैं सांस लेते हुए खुलकर, जीते हैं अपने सारे दुख गम को भूल

संगीत-डॉ. माध्वी बोरसे!

January 25, 2022

संगीत! एक मधुर सी ध्वनि जब कानों में गुनगुनाती,मन को प्रसन्नता से भर जाती,योग की तरह होता है संगीत,हर एक

आभासी दुनियाँ- सरस्वती मल्लिक

January 25, 2022

आभासी दुनियाँ अद्भुत है बहुत ,यह आभासी दुनियाँप्यारी है बहुत ,जैसे सपनों की दुनियाँमित्र मिले यहाँ बहुत ,बनी नए रिश्तों

Leave a Comment